दिल्ली पुलिस को 8 फरवरी की दोपहर करीब 3:50 बजे पीसीआर कॉल मिली थी। कॉलर ने बताया कि फ्लाइओवर के पास खड़ी एक कार में कुछ लोग काफी देर से निष्क्रिय बैठे हैं। पुलिस मौके पर पहुंची तो कार के अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था।
कार के भीतर दो पुरुष और एक महिला मृत अवस्था में मिले। मृतकों की पहचान रणधीर (76), शिव नरेश सिंह (47) और लक्ष्मी देवी (40) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, कार रणधीर की थी और वही उसे चला रहे थे. रणधीर और शिव नरेश बापरोला इलाके के रहने वाले थे और एक-दूसरे को पहले से जानते थे. शिव नरेश, रणधीर के लिए प्रॉपर्टी से जुड़ा काम देखता था.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तीनों शवों पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. इसी आधार पर फिलहाल इस मामले को सुसाइड के तौर पर देखा जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने किसी जहरीले पदार्थ का सेवन किया हो. हालांकि, पुलिस यह भी मान रही है कि एक ही कार में तीन लोगों की मौत असामान्य है, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता.
मामले ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब मृतक शिव नरेश के भाई राम नरेश सामने आए. मीडिया से बातचीत में उन्होंने पुलिस की सुसाइड थ्योरी को पूरी तरह खारिज कर दिया. राम नरेश का दावा है कि उनके भाई को फोन करके बुलाया गया था. उन्होंने बताया कि शिव नरेश का हेलमेट भी कार के अंदर मिला है, जिससे साफ होता है कि वह अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि किसी के बुलावे पर वहां पहुंचे थे. राम नरेश ने आशंका जताई कि यह मामला साजिशन हत्या का है और इसके पीछे प्रॉपर्टी विवाद हो सकता है.
इस पूरे मामले को और रहस्यमय बनाती है लक्ष्मी देवी की भूमिका. सवाल यह है कि वह दोनों पुरुषों के साथ कार में कैसे पहुंचीं और इस घटना में उनकी मौजूदगी का क्या मतलब है. पुलिस अब तीनों के आपसी रिश्तों, कॉल डिटेल्स और किसी संभावित प्रॉपर्टी विवाद की जांच कर रही है.
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फिलहाल पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मौत जहर खाने से हुई, किसी गैस के कारण या फिर किसी और साजिश के तहत.
अगर यह सुसाइड था, तो तीन लोग एक साथ क्यों? अगर हत्या है, तो कोई संघर्ष के निशान क्यों नहीं मिले? क्या प्रॉपर्टी विवाद इस मौत की वजह बन सकता है?
पीरागढ़ी फ्लाइओवर पर खड़ी वह सफेद कार अब सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि तीन जिंदगियों के अंत और एक गहरे रहस्य की गवाह बन चुकी है. सच्चाई क्या है, इसका फैसला अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अगले चरणों पर निर्भर करता है.
-भारत एक्सप्रेस
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