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प्रदीप झा से लेकर चंद्रनाथ रथ की हत्या तक! 13 साल में सुवेंदु के 4 करीबियों की संदिग्ध मौत का क्या है रहस्य?

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की सुगबुगाहट के बीच एक सनसनीखेज वारदात ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दरअसल बीते दिनों नॉर्थ 24 परगना में सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ (Chandranath Rath murder) की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है; पिछले 13 सालों में सुवेंदु के चार ऐसे करीबियों की मौत हो चुकी है जो उनके साये की तरह साथ रहते थे. इन मौतों के पीछे का रहस्य आज भी बंगाल की राजनीति में एक अनसुलझी पहेली बना हुआ है.

चंद्रनाथ रथ: मध्यमग्राम में बरसाईं 15 गोलियां(Suvendu Adhikari PA murder)

हालिया घटना की बात करें तो 2019 से सुवेंदु के पर्सनल असिस्टेंट रहे चंद्रनाथ रथ की हत्या ने सबको दहला दिया है. चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने दोहरिया के पास एक संकरी गली में उनकी गाड़ी को घेरा और ताबड़तोड़ 12 से 15 राउंड फायरिंग की.

मीडिया रेपोर्ट्स के मुताबिक, चंद्रनाथ को कम से कम 5 गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. उनके ड्राइवर की हालत भी नाजुक बनी हुई है. भाजपा इसे राजनीतिक साजिश बता रही है, जबकि पुलिस हमलावरों की तलाश में जुटी है.

शुभब्रत चक्रवर्ती: पुलिस बैरक के भीतर ‘सस्पेंस’ वाली मौत

सुवेंदु अधिकारी की सिक्योरिटी टीम का अहम हिस्सा रहे पुलिस जवान शुभब्रत चक्रवर्ती की मौत आज भी विवादों (Shubhabrata Chakraborty Murder case) में है. अक्टूबर 2018 में कोंताई के एक पुलिस बैरक के अंदर उन्हें गोली लगी मिली थी. शुरुआत में इसे खुदकुशी बताया गया लेकिन उनकी पत्नी के आरोपों ने मामले को पलट दिया. 2021 में इस केस की जांच सीआईडी को सौंपी गई, जिसके बाद सुवेंदु के कई करीबियों से पूछताछ हुई, हालांकि हाई कोर्ट ने सुवेंदु के खिलाफ किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगा रखी है.

प्रदीप झा: स्ट्रैंड रोड पर मिली थी ‘रहस्यमयी’ लाश

बात साल 2013 की है, जब सुवेंदु टीएमसी के कद्दावर नेता हुआ करते थे. उनके पॉलिटिकल सेक्रेटरी प्रदीप झा अगस्त की एक सुबह कोलकाता के स्ट्रैंड रोड पर एक रेस्टोरेंट के पास बेहोश मिले. अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. प्रदीप की मौत की असली वजह क्या थी, यह आज तक कभी साफ नहीं हो पाया. उनकी (Pradeep Jha Murder case) मौत का मामला फाइलों में ही दबकर रह गया, लेकिन सुवेंदु के लिए यह उनके सबसे भरोसेमंद साथी को खोने का पहला बड़ा झटका था.

यह भी पढ़ें: शपथ ग्रहण से पहले बंगाल में साजिश की आहट!TMC दफ्तर से निकलीं 18 तलवारें, कार्यकर्ता के घर मिला बारूद का जखीरा

पुलक लाहिड़ी: जांच के घेरे में एक और खामोश मौत

साल 2021 में सुवेंदु के एक और असिस्टेंट पुलक लाहिड़ी की मौत हुई. पुलक का मामला (Pulak Lahiri Murder case) तब सुर्खियों में आया जब बंगाल सीआईडी ने चुनाव के बाद सुवेंदु के करीबियों की मौतों को लेकर एक बड़ी जांच शुरू की थी.

हालांकि पुलक की मौत से जुड़े सार्वजनिक रिकॉर्ड बहुत कम हैं लेकिन इस घटना ने सुवेंदु के सहयोगियों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया था. अब चंद्रनाथ की हत्या के बाद पुराने सारे मामले एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

 

Rohit Agrawal

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