पश्चिम बंगाल में बीजेपी की प्रचंड जीत और 207 सीटों के ‘महा-जनादेश’ के बाद भी राज्य में शांति बहाली एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले राज्य के अलग-अलग हिस्सों से मिल रहे अवैध हथियारों (Bengal Violence News) ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं.
दक्षिण 24 परगना से लेकर कोलकाता के रिहायशी इलाकों तक, टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं के ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी (Raid On TMC Office) में धारदार हथियारों और गोला-बारूद का बड़ा भंडार मिला है. सत्ता बदलते ही बंगाल में एक तरफ ‘हथियारों की राजनीति’ का अंत हो रहा है, तो दूसरी तरफ गिरगिट की तरह रंग बदलने वाले नेताओं की बाढ़ आ गई है.
TMC नेता के दफ्तर में ’18 नारंगी हैंडल वाली कटारें’
पश्चिम बंगाल पुलिस ने दक्षिण 24 परगना के घुटियारी शरीफ स्थित नारायणपुर इलाके में बड़ी कार्रवाई की है. टीएमसी नेता सलाउद्दीन सरदार के पार्टी कार्यालय पर छापा मारकर पुलिस ने 18 बेहद तेज धार वाले घुमावदार हथियार (माचेटी) बरामद किए हैं.
चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी हथियारों के हैंडल नारंगी रंग के थे और इन्हें सामान्य ऑफिस फाइल और कुर्सियों के पीछे छिपाकर रखा गया था. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि चुनाव नतीजों के बाद इन हथियारों का इस्तेमाल किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था.
कार्यकर्ता के घर मिला गोला-बारूद बरामद(West Bengal Violence)
हथियारों के मिलने का सिलसिला यहीं नहीं थमा. कोलकाता के आनंदपुर इलाके में पुलिस ने टीएमसी कार्यकर्ता नारायण रंजीत के आवास पर दबिश दी. यहां से दो अवैध हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और गोला-बारूद बरामद किया गया है.
छापेमारी(Raid On TMC Office) के दौरान नारायणपुर इलाके में अराजक तत्वों ने पुलिस की टीम पर हमला भी कर दिया और सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ की. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा. इन घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हार के बाद टीएमसी का ‘जमीनी कैडर’ हिंसक विरोध की योजना बना रहा है?
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नई सरकार के लिए होगी बड़ी परीक्षा (Bengal Violence News)
आजाद भारत में पहली बार बंगाल की धरती पर 207 सीटों के साथ ‘कमल’ खिला है, लेकिन 80 सीटों पर सिमट चुकी टीएमसी के लिए यह हार गले नहीं उतर रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे को लेकर चल रही खींचतान के बीच राज्य के कोने-कोने से आ रही हिंसा की खबरें नई सरकार के लिए बड़ी परीक्षा होंगी. पुलिस ने साफ कर दिया है कि अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो. बंगाल की जनता अब ‘बम और बंदूक’ की राजनीति से मुक्ति चाहती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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