कुमकुमार्चन महायज्ञ
मुंबई के ठाकुर द्वार रोड पर नेमानी बाड़ी में आयोजित श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ के दूसरे दिन का शुभारंभ माता ललिताम्बा के पूजन के साथ हुआ. श्रद्धालुओं और भक्तों ने इस आयोजन में उत्साहपूर्वक भाग लिया. मुख्य अतिथियों में कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति मिलिंद जाधव, और युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह शामिल हुए. स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी की उपस्थिति में दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई.
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और वाराणसी से आए विद्वान पुरोहितों ने श्री गणपति सहस्त्रनाम पाठ का आयोजन किया. इसके बाद माता ललिता का अभिषेक कुमकुम और श्री ललिता सहस्त्रनाम के मंत्रों के साथ किया गया. यह अनुष्ठान भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव लेकर आया.
कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि देश को नई दिशा देने के लिए युवा चेतना की भूमिका सराहनीय है. उन्होंने कहा, “अब समय आ गया है कि युवाओं को क्रांति का मार्ग अपनाना चाहिए.” साथ ही, उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे केवल झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने सनातन धर्म के संरक्षण के लिए हर गांव और हर घर में जागरूकता फैलाने की अपील की.
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य भारत के वैभव को बढ़ाना और सनातन धर्म का प्रचार करना है.” उन्होंने महाराष्ट्र को क्रांति की भूमि बताते हुए कहा कि यहां के लोगों ने सदैव सही निर्णय लिया है. साथ ही, उन्होंने देशविरोधी मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा कि भारत में रहते हुए पाकिस्तान के गीत नहीं गाए जा सकते.
महाराष्ट्र के राज्यपाल महामहिम सीपी राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में सनातन धर्म को शाश्वत और देशभक्ति का आधार बताया. उन्होंने कहा, “युवा चेतना लगातार भारतीय संस्कृति के जागरण के लिए प्रयासरत है.”
महायज्ञ के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने माता ललिता का आशीर्वाद लिया और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम में ‘विश्व गुरु भारत’ विषय पर एक बौद्धिक सत्र का आयोजन भी हुआ.
स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती और स्वामी श्रीधरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म के महत्व और इसके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया.
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा कि भारत को विश्व शक्ति बनाने का प्रयास जारी है. उन्होंने कहा, “इतिहास गवाह है कि संतों की तपस्या ने हर आक्रमण के बाद भारत को पुनर्जीवित किया है.”
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी ने कहा कि सभी समुदायों को सनातन धर्म के साथ चलना होगा ताकि विश्व कल्याण सुनिश्चित हो सके.
कार्यक्रम में अन्य गणमान्य व्यक्तियों जैसे ओपी जैन, आशा मानीडी, अखिल जैन, और भाजपा नेता संतोष पांडेय ने भी अपने विचार साझा किए. इस महायज्ञ ने सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति को संजोने के प्रयासों को नई ऊर्जा प्रदान की.
–भारत एक्सप्रेस
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