Weather Update Today: देश भर में सुस्त पड़ चुका मानसून अब एक बार फिर से बेहद खौफनाक रफ्तार पकड़ने जा रहा है, जिसने मौसम विभाग से लेकर राज्य सरकारों के प्रशासनिक अमले तक में हड़कंप मचा दिया है. मौसम विज्ञान विभाग ने आज देश के कई राज्यों में अत्यंत भारी बारिश (Weather Alert Heavy Rain) की आशंका जताते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर एक बेहद मजबूत और सक्रिय निम्न दबाव का क्षेत्र बन चुका है.
बताते चलें इस मौसमी चक्रव्यूह के कारण पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक अगले सात दिनों के भीतर भारी तबाही मच सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को बिना वजह घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है.
राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत पूरे पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी से बहुत जल्द राहत मिलने वाली है. मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आगामी दिनों में इन राज्यों में आसमान में घने काले बादल छाए रहेंगे और तेज हवाओं के साथ बीच-बीच में हल्की से मध्यम दर्जे की छिटपुट बारिश का सिलसिला शुरू होगा.
यह रुक-रुक कर होने वाली बारिश जहां एक तरफ लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत देगी, वहीं दूसरी तरफ वातावरण में नमी बढ़ने से उमस का स्तर भी काफी ऊपर जा सकता है. दिल्ली और आसपास के शहरों में प्रशासन को जलभराव से निपटने के लिए पहले से ही मुस्तैद रहने के निर्देश दे दिए गए हैं.
मौसम विभाग की इस ताजा चेतावनी का सबसे भीषण असर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के इलाकों में देखने को मिलने वाला है. बंगाल की खाड़ी से उठने वाली मानसूनी हवाओं के सीधे टकराने के कारण यूपी और बिहार में अगले एक सप्ताह तक लगातार मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई गई है.
इस भारी वर्षा(Weather Alert Heavy Rain) के कारण शहरों की सड़कों पर भारी जलभराव होगा और निचले इलाकों में बसे गांवों में पानी भरने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है. इसके साथ ही मौसम विभाग ने स्थानीय किसानों को विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए अपनी पकी और खड़ी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने तथा खेतों में जल निकासी की व्यवस्था तुरंत दुरुस्त करने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आज ओडिशा के कई तटीय और आंतरिक जिलों में अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिसके कारण वहां बाढ़ जैसे हालात पैदा होने की पूरी आशंका है. इस मौसमी सिस्टम के प्रभाव से देश के प्रमुख राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, गोवा, झारखंड, सिक्किम, असम, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, मणिपुर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश में लगातार बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी. इन सभी राज्यों के स्थानीय प्रशासन को चौबीसों घंटे हाई-अलर्ट पर रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.
इस पूरे मानसून सीजन में सबसे संवेदनशील स्थिति पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र यानी उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की बनी हुई है. पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पहाड़ी नदियों और नालों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण पहाड़ी मार्गों पर अचानक भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड होने और चट्टानों के खिसक कर सड़कों पर गिरने की घटनाएं तेजी से बढ़ सकती हैं.
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के दुर्गम इलाकों में लगातार बारिश से तापमान में भारी गिरावट आएगी और मौसम ठंडा हो जाएगा, लेकिन पहाड़ों की यात्रा करने वाले पर्यटकों और चारधाम यात्रियों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सख्त हिदायत दी गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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