पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा. विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के तहत आज राज्य की महत्वपूर्ण सीटों पर वोट डाले गए. शाम 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल की जनता ने लोकतंत्र के उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और लगभग 91.64% मतदान दर्ज किया गया. यह भारी मतदान इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव या निरंतरता को लेकर काफी उत्साहित है.
पहले चरण के इस मतदान में बंगाल की राजनीति के कई बड़े चेहरों की किस्मत दांव पर लगी है. सबसे ज्यादा नजरें नंदीग्राम और उससे सटे इलाकों पर हैं, जहां भाजपा के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी की प्रतिष्ठा दांव पर है. सुवेंदु के सामने तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पूरी ताकत झोंक दी है. इनके अलावा ममता कैबिनेट के कई वर्तमान मंत्रियों और पूर्व दिग्गज नेताओं के भविष्य का फैसला भी आज जनता ने ईवीएम में बंद कर दिया है.
पहले चरण में उन जिलों में वोटिंग हुई जिसे अक्सर राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है. पूर्व मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और बांकुरा जैसे जिलों की सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय नजर आ रहा है. जहां एक तरफ भाजपा अपनी पिछली बढ़त को बरकरार रखने की कोशिश में है, वहीं टीएमसी ने अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए ‘खेला’ किया है. वामपंथ और कांग्रेस का गठबंधन भी इस बार कई सीटों पर समीकरण बिगाड़ता दिख रहा है, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है.
शाम 6 बजे तक हुई 91.64% वोटिंग ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है. आमतौर पर भारी मतदान को सत्ता विरोधी लहर (Anti-incumbency) से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन बंगाल के संदर्भ में यह अक्सर संगठित कैडर की ताकत को भी दर्शाता है. ग्रामीण इलाकों में लंबी कतारें देखी गईं, जहां महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. निर्वाचन आयोग के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच छिटपुट घटनाओं को छोड़कर मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही.
चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती की गई थी. संवेदनशील बूथों पर ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी गई. हालांकि, कुछ इलाकों से झड़प और ईवीएम में खराबी की खबरें भी सामने आईं, लेकिन चुनाव अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभालकर स्थिति को नियंत्रण में कर लिया. राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर धांधली के आरोप भी लगाए, जो बंगाल के चुनावों में एक आम बात बन चुकी है.
पश्चिम बंगाल चुनाव एक नजर में:
ये भी पढ़ें- 5 घंटे में मामला रफा-दफा! दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी ने फेल किया किडनैपिंग का प्लान, सुरक्षित घर लौटा बच्चा
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इटावा में महज 500 रुपये की रंगदारी न देने पर कार सवार दबंगों ने दो…
दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने मुंबई और…
PERM Program Suspension: अमेरिका ने PERM प्रोग्राम से इंफोसिस, TCS, विप्रो, HCL, कॉग्निजेंट, माइक्रोसॉफ्ट और…
UP Assembly Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में बीजेपी और आरएसएस…
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी…
रांची के हरमू स्थित जनरल ए.एस. वैद्य चौक का नाम बदलने को लेकर बीजेपी और…