आशा पारेख करना चाहती थी सुसाइड
मुंबई- बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा आशा पारेख को सिनेमा में उनके बेहतरीन योगदान के लिए सबसे बड़े अवार्ड दादा साहब फाल्के के लिए चुना गया है. 70 और 80 के दशकों में उन्होने एक के बाद एक बेहतरीन हिट फिल्में दी. आशा पारेख ने महज 10 साल की उम्र में अपना एक्टिंग करियर शुरु किया था. वो एक्टिंग में तो माहिर थी ही साथ ही एक बेहतरीन डांसर भी थी. उन्होने हिंदी सिनेमा के कई बड़े दिग्गज कलाकारों के साथ फिल्मों में काम किया था. उन्होने अपने फिल्मी करियर में 95 से ज्यादा फिल्मोंं में काम किया था. लेकिन क्या आपको पता है कि रील लाइफ के अलावा रियल लाइफ में भी हमेशा हंसती-मुस्कुराती और जिंदादिल शख्सियत आशा पारेक की जिंदगी में एक ऐसा दौर आया था जब वो बॉलीवुड की चमचमाती जिंदगी को छोड़कर सुसाइड करना चाहती थी. जी हां बॉलीवुड की सबसे प्रसिद्द एक्ट्रस में से एक आशा पारेख ने अपनी जिंदगी में एक ऐसा वक्त देखा जब वो डिप्रेशन में चली गई थी और उन्हें बार-बार सुसाइड के ख्याल आते थे.
हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री आशा पारेख अपने माता-पिता से बहुत प्यार करती थी. फिल्मों में काम करने के लिए उनके पैरेंट्स ने उन्हे बहुत सपोर्ट किया था. आशा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि.. माता-पिता के निधन के बाद मैं बिल्कुल अकेले पड़ गई थीं. यह मेरी जिदंगी का सबसे बुरा समय था. मुझे कुछ भी अच्छा नहीं लगता था. मुझे खुद ही अपनी सारी चीजों का ख्याल रखना पड़ता और उन्हे मैनेज करना होता था. इन्ही चीजों से तंग आकर वो डिप्रेशन में चली गई थी औऱ इस बीच कई बार उन्हे सुसाइड करने की भी सोचने लगी थी. पारेख अपने उस इंटरव्यू में बताया था कि यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा संघर्ष था. जिससे मुझे गुजरना पड़ा. इन सब से बाहर निकलने में एक्ट्रेस पारेख के डॉक्टर ने उनकी मदद काफी मदद की थी. जिसके बाद आशा डिप्रेशन से बाहर निकली और एक बार फिर से अपनी जिंदगी को जीना शुरु किया.
-भारत एक्सप्रेस
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