लीगल

Shraddha Murder Case: आफताब ने कोर्ट से मांगी थी खास इजाजत, साकेत कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दिया झटका

Shraddha Murder Case: श्रद्धा वॉकर हत्या मामले में आरोपी आफताब अमीन पूनावाला को साकेत कोर्ट से झटका लगा है. साकेत कोर्ट ने आफताब पूनावाला की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें ट्रायल के दौरान वकील के साथ बैठने की अनुमति मांगी थी. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरविंदर सिंह जग्गी की कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को उचित जगह बैठने से वंचित नही किया जा सकता है, या उसके साथ ऐसा व्यवहार नहीं किया जा सकता, जो घृणा या प्रतिशोध को दर्शाता हो.

वही शिकायतकर्ता के वकील ने हत्या के मामले में साक्ष्य दर्ज करने के दौरान आफताब के वकील की मेज के बगल में बैठने पर आपत्ति जताई थी. आफताब अमीन पूनावाला पर श्रद्धा वाकर की कथित हत्या का मुकदमा चल रहा है. इस मामले में दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में डिजिटल और फॉरेंसिक एविडेन्स शामिल किए गए है. दायर सप्लीमेंट्री चार्जशीट में तीन हजार पेज की है.

चार्जशीट में आफताब की मोबाइल सर्च हिस्ट्री और ट्रेवल रिकॉर्ड शामिल

दायर चार्जशीट में आफताब के मोबाइल फोन की सर्च हिस्ट्री को भी शामिल किया गया था. इसमें आफताब की ट्रेवल हिस्ट्री जहां-जहां बॉडी पार्ट्स को फेंका गया, ये सब शामिल किया गया है. दायर चार्जशीट में श्रद्धा वाकर के फोन की गूगल लोकेशन्स को शामिल किया गया था, कैसे श्रद्धा का फोन दो बार मुम्बई गया और फोन की हिस्ट्री कैसे गायब की गई. चार्जशीट में आफताब पूनावाला की सर्च हिस्ट्री जिसमें फ्लेयर गन समेत तमाम डिजिटल सबूतों को शामिल किया गया है.

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आफताब पूनावाला के खिलाफ 6629 पन्नो का आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें आरोपी पर कई गंभीर आरोप लगे है. आफताब पर अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा की हत्या करने और उसके शव के 35 टुकड़े कर उन्हें दिल्ली में अलग-अलग हिस्सों में फेकने का आरोप है.

बता दें कि आफताब पूनावाला पुलिस के सामने अपनी लिव इन पार्टनर श्रद्धा का गला घोंटने और उसके शरीर को 35 टुकड़ो में काटने की बात कबूल की है. उसने कई दिनों तक जंगल मे फेंकने से पहले पिछले साल मई में दक्षिण दिल्ली के महरौली स्थित अपने फ्लैट पर शरीर के टुकड़ो को फ्रिज में रखा था. छतरपुर के जंगलों में बरामद हड्डियों और डीएनए रिपोर्ट जिसमें पुष्टि हुई कि हड्डियां श्रद्धा की है.

इसके अलावा आफताब पुनवाला का कबूलनामा और नार्को टेस्ट की रिपोर्ट भी शामिल है.

यह भी पढ़ें-‘लंच तक नहीं खुला तो…’, दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद होने पर सुप्रीम सुनवाई, जानें क्या बोले CJI?

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

CEC ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते-साधते उद्धव ठाकरे की पार्टी पर क्या बोल गए अभिजीत दिपके?

Election Commission Controversy: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने चुनाव आयोग और…

15 minutes ago

कौन थीं भीकाजी कामा? जिन्होंने जर्मनी में फहराया था आज़ादी का झंडा, जानिए विदेशी धरती से कैसे हिलाया था ब्रिटिश शासन

आज भारत की स्वतंत्रता संग्राम की महानायिका मैडम भीकाजी रुस्तम कामा की जयंती है. वे…

37 minutes ago

एशियन गेम्स 2026: टूटे जूते के साथ दौड़कर सीमा ने भारत को दिलाया ब्रॉन्ज, खत्म किया 16 साल का सूखा

एशियन गेम्स 2026 में भारत की सीमा कुमारी ने जूते का सोल निकलने के बावजूद…

39 minutes ago

फिर सुर्खियों में क्यों आया महादेव बेटिंग ऐप? दुबई से हैदराबाद के सफर में CBI की एंट्री

Mahadev Betting App Controversy: महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में CBI ने एक बहुत बड़ी…

55 minutes ago