मुंबई यूनिवर्सिटी में पूर्व CJI बी. आर. गवई संबोधित करेंगे
BR Gavai MC Chagla Memorial Lecture: मुंबई में कानून और मानवाधिकार से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए एक खास कार्यक्रम होने जा रहा है. मुंबई यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की ओर से शुक्रवार (18 सितंबर) को 9वें चीफ जस्टिस एम.सी. चागला मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यक्रम में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस भूषण आर. गवई मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे.
कार्यक्रम का आयोजन चीफ जस्टिस एम.सी. चागला मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से किया जा रहा है. इस साल के व्याख्यान का विषय ‘मानवाधिकार और सतत विकास लक्ष्य’ (Human Rights and Sustainable Development Goals) रखा गया है. कार्यक्रम शाम 6 बजे मुंबई के के.सी. कॉलेज स्थित रामा एंड सुंदरी वाटुमुल ऑडिटोरियम में होगा.
आज के दौर में विकास सिर्फ आर्थिक तरक्की तक सीमित नहीं रह गया है. इसके साथ यह भी देखा जाता है कि विकास का फायदा समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और लोगों के अधिकारों की रक्षा हो. इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में मानवाधिकार और सतत विकास लक्ष्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
सतत विकास का मूल उद्देश्य ऐसा विकास करना है, जिसमें आज की जरूरतें पूरी हों, लेकिन आने वाली पीढ़ियों के अधिकार और जरूरतें प्रभावित न हों. ऐसे में मानवाधिकार और विकास के बीच संतुलन का मुद्दा इस व्याख्यान का अहम हिस्सा रहेगा.
जस्टिस भूषण आर. गवई का न्यायपालिका में लंबा अनुभव रहा है. वह 14 मई 2025 को भारत के मुख्य न्यायाधीश बने थे और 23 नवंबर 2025 को अपने पद से सेवानिवृत्त हुए. अपने न्यायिक करियर के दौरान उन्होंने संवैधानिक, प्रशासनिक, नागरिक, आपराधिक और पर्यावरण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर काम किया.
मानवाधिकार से जुड़े मामलों में भी उनका न्यायिक अनुभव रहा है. यही वजह है कि मानवाधिकार और सतत विकास जैसे विषय पर उनके व्याख्यान को कानून के छात्रों, शिक्षकों और इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
कार्यक्रम की देखरेख में मुंबई यूनिवर्सिटी के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद भी जुड़े हुए हैं. यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. रवींद्र डी. कुलकर्णी और प्रो वाइस चांसलर डॉ. अजय भामरे कार्यक्रम के संरक्षकों में शामिल हैं. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. प्रसाद करांडे भी आयोजन से जुड़े हैं.
इसके अलावा डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की हेड डॉ. राजेश्री एन. वरहाडी और डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की चेयर प्रोफेसर तथा चीफ जस्टिस एम.सी. चागला चेयर डॉ. रश्मि एम. ओजा की भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी.
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जस्टिस गवई अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान अलग-अलग विश्वविद्यालयों और संस्थानों में संवैधानिक कानून और पर्यावरण जैसे विषयों पर व्याख्यान दे चुके हैं. ऐसे में मुंबई यूनिवर्सिटी में होने वाला यह कार्यक्रम कानून के विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए न्यायपालिका के अनुभव को करीब से समझने का अवसर भी देगा.
-भारत एक्सप्रेस
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