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Chattisgarh Coal Scam: IAS अधिकारी रानू साहू समेत इन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, पढ़ें पूरा मामला

Chattisgarh Coal Scam: कोल घोटाला मामले में भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद छत्तीसगढ़ की आईएएस अधिकारी रानू साहू, सौम्या चौरसिया, दीपेश टौंक, राहुल कुमार सिंह,शिव शंकर नाग, हेमंत जायसवाल, चंद्रप्रकाश जायसवाल, संदीप कुमार नायक, रोशन कुमार सिंह, शेख मोइनुद्दीन कुरैशी, सूर्यकांत तिवारी और समीर विश्नोई को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में जांच में काफी समय लगेगा. इसलिए अदालत इन्हें अंतरिम जमानत देना उचित समझता है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अंतरिम जमानत ट्रायल के आधार पर दी गई है. ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के बीच संतुलन बनाया जा सके.

कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी कथित दोषियों द्वारा गवाह को प्रभावित करने की, सबूतों से छेड़छाड़ करने या जांच प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो पुलिस अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल कर सकती है. यह जमानत इस शर्त पर दी गई है कि जमानत मिलने के बाद भी आरोपी उचित आचरण बनाए रखे और अदालत के आदेशों का पालन करें. साथ ही कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि मामले में सरकार याचिकाकर्ताओं के आचरण पर रिपोर्ट दाखिल करने कहा है. ताकि मामले की जांच में पारदर्शिता बनी रहे.

500 करोड़ रुपये की अवैध उगाही का आरोप

छतीसगढ़ में कथित कोयला घोटाले में 500 करोड़ रुपये की अवैध उगाही को लेकर एसीबी ने जांच शुरू की थी, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया था. वसूली के लिए नियमों में बदलाव किया गया था. इस लेवी से हासिल राशि से चल-अचल संपत्तियां अर्जित की गई, जिनमे कई बेनामी भी है. इस मामले में सूर्यकांत तिवारी, आईएएस समीर बिश्नोई, आईएएस रानू साहू सौम्या चौरसिया सहित अन्य को गिरफ्तार किया गया था.

ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया और उनके परिवार के नाम पर 9 करोड़ 20 लाख रुपए की 29 अचल संपत्ति होने की पुष्टि की है. वही रानू साहू पर साल 2015 से 2022 तक करीब चार करोड़ रुपये की अचल संपत्ति खुद के नाम से और पारिवारिक सदस्यों के नाम से खरीदने का आरोप है. जबकि उनके सेवा में आने के बाद से 2022 तक का कुल वेतन 92 लाख रुपये बताया जा रहा है. समीर बिश्नोई के पास साल 2010 से 2022 तक का कुल वेतन 93 लाख रुपये है. इस दौरान उन्होंने अपनी पत्नी प्रीति गोधरा के नाम से 5 करोड़ रुपये की कई अचल संपत्ति ले रखी है, जो उनके वेतन से 500 गुना ज्यादा है.

बता दें कि केंद्रीय जांच एजेंसी राज्य में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कथित कोयला खनन और शराब घोटाले की जांच कर रही है. जिसमें उसने कई नेताओं और उनसे जुड़े लोगों के अलावा आईएएस अधिकारियों सहित कुछ प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ जांच कर रही हैं.

ये भी पढ़ें: NCW की साइबर कानूनों पर अंतिम समीक्षा: 8 क्षेत्रीय विचार-विमर्श, 300 सुझाव और 205 प्रमुख सिफारिशें

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

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