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तिहाड़ जेल रैकेट वसूली मामले में दिल्ली HC ने सरकार को लगाई फटकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने तिहाड़ जेल में चल रहे रैकेट उगाही के मामले में दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने रैकेट में शामिल अधिकारियों पर कार्रवाई में तेजी नही लाने पर यह फटकार लगाई है. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पूछा कि आप दो महीने से आप क्या कर रहे थें. इस मामले में 9 अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका हैं.

अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार

मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. दिल्ली सरकार की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है कि 13 अगस्त को नौ अधिकारियों को निलंबित किया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार चल रही हैं. कोर्ट ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि दो महीने से कुछ नही हो रहा है? जांच अधिकारी नियुक्त करने में कितना समय लगता है? कोर्ट ने कहा कि सरकार चाहे तो रातों रात यह हो सकता है. कोर्ट ने कहा कि गड़बड़ी की जांच होनी चाहिए. क्योंकि किसी को सस्पेंड करके उसे लटकाना ठीक नही है.

गिरफ्तार के बाद हुआ रैकेट का खुलासा

मामले की जल्द जांच कर इसका निपटारा किया जाना चाहिए. कोर्ट ने गृह विभाग के एडिशनल सचिव को अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है. कोर्ट 30 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. इस रैकेट का खुलासा तब हुआ जब मोहित कुमार गोयल को इस मामले में गिरफ्तार किया गया.

इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है. कोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया गया है कि जेल में न सीसीटीवी है और न ही ई-मुलाकात की उचित व्यवस्था है. निगरानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है. उस सब को देखने के लिए कोई स्वतंत्र निकाय भी नहीं है. इसलिए जांच का निर्देश देकर यह सब जिम्मेवारी तय किया जाए. उसमें कहा गया है कि यह सब व्यवस्था नहीं रहने के कारण जेल में खुलेआम उगाही का रैकेट चलता है. उसको उजागर करने के लिए किसी को आगे आने की हिम्मत नहीं है.

अनियमितता व भ्रष्टाचार जैसे अनेक मुद्दे

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि याचिका में अनियमितता, गैर कानूनी गतिविधियां, भ्रष्टाचार, जेल अधिकारियों व कैदियों की ओर से दुर्ववहार करने जैसे अनेक मुद्दे उठाए गए है. इसके अलावा जेल अधिकारियों की मिली भगत से जेल के भीतर व बाहर से उगाही का आरोप लगाए गए हैं. इस तरह के आरोप बहुत गंभीर हैं.

कोर्ट ने कहा था कि इस तरह के गंभीर आरोपों को देखते हुए जेल की जांच करने वाले जज से आरोपों का जांच कर अपना रिपोर्ट दाखिल करने को कहा गया था. जज ने जो रिपोर्ट दिया है वह आंख खोलने वाला है. वहां अनियमितता व गैर कानूनी काम के अलावा आपराधिक गतिविधियां होने की बात कही गई है.

ये भी पढ़ें: उमर खालिद ने अभियोजन पक्ष पर लगाए गंभीर आरोप, कहा चार्जशीट में बढ़ा चढ़ाकर किया पेश

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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