Pune Rape Case
Pune rape case: पुणे की एक स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 साल की बच्ची के साथ रेप और हत्या के मामले में 65 वर्षीय दोषी भीमराव कांबले को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट की तीन धाराओं के तहत यह फैसला सुनाया. जज एस.आर. सालुंके ने इस अपराध को अत्यंत जघन्य और घिनौना बताते हुए कहा कि ऐसे मामले के लिए उम्रकैद की सजा काफी नहीं है.
यह दर्दनाक घटना 1 मई को पुणे के नसरापुर गांव में हुई थी. वहां रहने वाली 4 साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी. परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने खोजबीन शुरू की, तो बच्ची का शव बरामद हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ रेप और फिर उसकी हत्या किए जाने की पुष्टि हुई. इस घटना के बाद पूरे महाराष्ट्र में आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग उठने लगी थी.
पुलिस ने मामले की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज, डीएनए (DNA) रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों को आधार बनाया. इन पुख्ता सबूतों के दम पर कोर्ट ने महज 55 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा कर कांबले को दोषी ठहराया और फांसी की सजा सुना दी. दोषी पर अपहरण, बलात्कार और हत्या सहित कुल सात मामले दर्ज थे.
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विशेष लोक अभियोजक (सरकारी वकील) मिलिंद पवार ने बताया कि पूरे ट्रायल के दौरान आरोपी के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था. जब जज ने उससे सजा के बारे में पूछा, तो वह मनगढ़ंत कहानियां बनाकर खुद को बेकसूर बताने लगा. उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड देखते हुए अभियोजन पक्ष ने फांसी की मांग की थी. वहीं, बचाव पक्ष के वकील ने आरोपी की 65 वर्ष की उम्र का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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