सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत संजय कपूर की मां रानी कपूर की ओर से दायर याचिका पर प्रिया कपूर सचदेवा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जेबी पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह मामला लंबा खिच सकता है.
याचिकाकर्ता की उम्र 80 साल है. इसलिए दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता मध्यस्थता का रास्ता अपनाना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि मामले में मेरिट्स के आधार पर सुनवाई होगी. लेकिन साथ भी मध्यस्थता को प्रोत्साहित किया जाएगा. कोर्ट ने अगले सप्ताह मामले में अगली सुनवाई करेगा.
जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि आप सब क्यों लड़ रहे है? यह आपके मुवक्किल केलड़ने के उम्र नही है? एक बार हमेशा मध्यस्थता का रास्ता अपनाए. शुरू से आखिर तक वरना यह सब बेकार है. यह सारा विवाद रानी कपूर द्वारा दायर मुकदमे से शुरू हुआ है, जिसमें उन्होंने रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट के गठन को चुनौती दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि इस ट्रस्ट के गठन धोखाधड़ी से किया गया था और इसका इस्तेमाल उनकी पूरी संपत्ति, जिसमें सोना ग्रुप की कंपनियों पर उनका नियंत्रण भी शामिल है, इनसे छीनने के लिए किया गया.
दायर याचिका के मुताबिक 2017 में जब उन्हें स्टोक आया, तो उनके दिवंगत बेटे संजय कपूर और उनकी पत्नी प्रिया कपूर ने उनकी शारिरिक स्थिति और उनके भरोसे का फायदा उठाया. आरोप है कि उन्होंने बिना पूरी जानकारी और सहमति के उनकी संपत्ति को फैमिली ट्रस्ट में ट्रांसफर कर दिया. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक सुविधा के बहाने उनसे कई दस्तावेजो पर, जिनमें सादे कागज भी शामिल थे, दस्तखत कराए गए.
रानी कपूर द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रिया कपूर ने धोखाधड़ी से आर के फैमिली ट्रस्ट/रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट के गठन किया. रानी कपूर ने ट्रस्ट को शून्य और अमान्य घोषित करने की मांग की है. रानी कपूर ने प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है, ताकि वे किसी भी प्रकार से आरके फैमिली ट्रस्ट का उपयोग या उसके आधार पर कोई कार्रवाई न कर सकें. इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक की है, ताकि वे किसी भी प्रकार से आरके फैमिली ट्रस्ट का उपयोग या उसके आधार पर कोई कार्रवाई न कर सकें. इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक कि लेखा-जोखा की भी मांग की है. रानी कपूर कपूर परिवार की मुखिया है. उनके परिवार में उनकी दो बेटियां है. उनके दिवंगत पुत्र स्वर्गीय संजय कपूर तथा उनके बच्चे यानी वादी की पोते-पोतियां शामिल है.
याचिकाकर्ता के अनुसार रानी कपूर स्वर्गीय डॉक्टर सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की एक मात्र लाभार्थी और उत्तराधिकारी है. डॉक्टर सुरिंदर कपूर विभिन्न व्यवसायों के प्रमुख थे, जिनमें सोना ग्रुप ऑफ कंपनियां शामिल हैं. सुरिंदर कपूर का 6 फरवरी 2015 को निधन हो गया था. बता दें कि करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेवा कपूर ने उनके पिता की वसीयत में गड़बड़ी करने की कोशिश की.
ये भी पढ़ें: उन्नाव बलात्कार मामला: दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली सेंगर की अपील पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
Sant Ishwar Samman 2026 Delhi: दिल्ली के मावलंकर हॉल में संत ईश्वर सम्मान 2026 आयोजित.…
पूर्व ओलंपियन और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश…
गांधी जयंती पर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 'धारावी एक्सपीरियंस सेंटर' का उद्घाटन किया. 22,500 वर्ग…
भोपाल के बीएचईएल मैदान में 3 से 7 अक्टूबर तक नवीन न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी…
India vs Brazil Football Match Kolkata: कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में भारत और ब्राजील…
Premanand Maharaj Ashram: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के श्री राधा केली कुंज आश्रम से…