सुप्रीम कोर्ट ने 200 करोड़ रुपए की जबरन वसूली के मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना पॉलोज की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट से तीन सप्ताह में जमानत याचिका पर फैसला करने को कहा है. जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने यह आदेश दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान लीना पॉलोज की ओर से वकील ने कोर्ट को बताया कि उनकी ओर से दायर जमानत याचिका एक साल से लंबित है. जिसके बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान लीना पॉलोज के वकील ने कहा था कि वह अक्टूबर 2021 से ही हिरासत में है और उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नही की गई है.
लीना मारिया पॉलोज ने दिल्ली हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है. जिसपर दिल्ली पुलिस ने जमानत का यह कहते हुए विरोध किया है कि अगर उसे जमानत दी गई तो वह दुबई भाग सकती है. दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा था कि लीना के परिवार के सदस्य दुबई में रहते है और लीना की परवरिश भी दुबई में हुई है. पुलिस ने कहा था कि इस बात की पूरी संभावना है कि अगर उन्हें जमानत दी गई तो वह मामले की सुनवाई इसे बचने के लिए दुबई भाग सकती है.
दिल्ली पुलिस ने कहा था कि यह साफ है कि लीना अपराध गिरोह में सक्रिय रूप से शामिल थी. उसका पति सुकेश चंद्रशेखर गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड और सरगना है. पति-पत्नी दोनों ने पहले भी वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का रूप धारण करके कई लोगों को ठगा है. रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से कथित तौर पर 200 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है.
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सितंबर 2021 में सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉलोज को धोखाधड़ी के मामलों में अपने पार्टनर की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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