Cartoonist Hemant Malviya: विवादास्पद कार्टून बनाने वाले इंदौर के कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय (Hemant Malviya) को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने हेमंत मालवीय की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दिया है. जस्टिस सुधांशू धुलिया की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 15 अगस्त के बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर कार्टूनिस्ट सोशल मीडिया पर कोई और आपत्तिजनक पोस्ट शेयर करता है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है.
कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि आप सोशल मीडिया से जो भी पोस्ट हटाना चाहते हैं. कोर्ट ने कहा कि आजकल सोशल मीडिया पर कोई ख्याल नही रखा जाता है. यहां तक कि वकीलों के समुदाय भी इस दायरे के बाहर नहीं है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर ने माफीनामा पेश किया.
उन्होंने कहा कि व्यक्ति किसी चीज के बारे में आलोचनात्मक राय रख सकता है. यह कोई अपराध नही है. वही राज्य सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कुछ स्क्रीन शॉर्ट भी कोर्ट के समझ रखे. जिसपर वृंदा ग्रोवर ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ये सब इस एफआईआर से संबंधित नहीं है. इन पोस्ट पर कोई तारीख भी नहीं है. इससे पहले एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के. एम नटराज ने कहा था कि यह पोस्ट सामाजिक वैमनस्य पैदा करता है और कानून व्यवस्था के लिए खतरा है. अगर यह आक्रामक है तो यह अपराध भी है. हेमंत मालवीय पर विवादास्पद कार्टून बनाने का आरोप है.
हाई कोर्ट मालवीय को यह कहते हुए अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था कि मालवीय ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है और उन्हें विवादित कैरिकेचर बनाते समय विवेक का इस्तेमाल करना चाहिए था. हेमंत मालवीय ने अपनी फेसबुक पेज पर कुछ कार्टून, कमेंट, फोटो और वीडियो पोस्ट किए थे. इनमें भगवान शिव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस कार्यकर्ता विनय जोशी ने लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी.
उनके अनुसार हेमंत मालवीय (Hemant Malviya Cartoonist) द्वारा पोस्ट किया गया कार्टून न केवल प्रधानमंत्री और संघ के प्रति आपत्तिजनक है, बल्कि इसका उद्देश्य हिंदू धर्म की भावनाओं को ठेस पहुचाना भी है. उन्होंने इस सामग्री को अश्लील और भड़काऊ करार दिया, जिसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश बताया गया.
बता दें कि मालवीय अपने कार्टूनों के जरिये राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी के लिए जाने जाते हैं. यह पहली बार नहीं है जब उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया हो. इससे पहले वर्ष 2022 में उन पर उत्तराखंड पुलिस ने योग गुरु रामदेव के कथित अश्लील पोस्टर बनाने के आरोप में केस दर्ज किया गया था. दिसंबर 2022 में पीएम मोदी की मां की मौत के बाद कथित रूप से अपमानजनक बयान देने के लिए इंदौर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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