सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सिविल केस शुरू होने के बाद अगर एफआईआर (FIR) दर्ज करने में देरी होती है, तो उस आधार पर क्रिमिनल केस को रद्द किया जा सकता है. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने कहा कि अब यह कोई नया मुद्दा नहीं है कि एक ही वजह और एक ही घटना या हालात के आधार पर सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की कार्रवाई की जा सकती है.
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पीड़ित व्यक्ति सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की कानूनी कार्रवाई करना चाहता है, तो दोनों के शुरू होने के बीच अनावश्यक और बहुत ज्यादा देरी नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने एक व्यक्ति द्वारा सिविल केस फाइल करने के 23 साल बाद दर्ज कराए गए क्रिमिनल केस को रद्द करते हुए यह बात कही है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शिकायतकर्ता की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि क्रिमिनल कार्रवाई शुरू करने के लिए कोई समय सीमा नहीं होती है.
कोर्ट ने शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील से पूछा कि जब शिकायतकर्ता ने साल 2001 में अपनी जमीन की बिक्री का डीड करने के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी में अपील करने वाले व्यक्ति की भूमिका पर सवाल उठाते हुए सिविल केस किया था, तो उसने सिविल केस शुरू होने के कुछ दिनों के भीतर ही एफआईआर क्यों नहीं दर्ज कराई? और उसने उसी आरोप पर, जिन लोगों पर सिविल मुकदमा दायर किया था, साल 2024 में एफआईआर दर्ज कराने के लिए 23 साल का इंतजार क्यों किया?
ये भी पढ़ें: सौरभ भारद्वाज के खिलाफ मानहानि केस में बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा को बड़ी राहत, कोर्ट ने दिया 4 जुलाई तक का समय
कोर्ट ने इस दौरान ‘किशन सिंह बनाम गुरपाल सिंह’ मामले का हवाला दिया, जिसमें बदले की भावना से सिविल मुकदमे को आपराधिक मामले में बदलने के खिलाफ चेतावनी दी गई थी. कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट कहा कि एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी के मामले में कोर्ट को देरी का कोई ठोस और उचित कारण देखना चाहिए. अगर ऐसा कोई कारण नहीं बताया जाता है, तो यह अत्यधिक देरी पूरे मामले के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियन पैरा गेम्स के पदक विजेता खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनके…
Parshvnath Developers: सुप्रीम कोर्ट ने पार्श्वनाथ डेवलपर्स के प्रोजेक्ट्स में घर खरीदने वाले सत्यापित आवंटियों…
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में भारत में केवल 248 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क था,…
Supreme Court Jantar Mantar Police Action: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस…
अंबाला में शहीद स्मारक के उद्घाटन के दौरान अमित शाह ने कहा कि 1857 की…
दिल्ली दंगा 2020 की साजिश के आरोपी शरजील इमाम ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले…