उत्तर प्रदेश के चर्चित उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या के मामले में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. वारदात के बाद से फरार चल रहे और 5 लाख रुपये के इनामी शूटर अरमान बिहारी को सोमवार को प्रयागराज की एससी-एसटी स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया. करीब 4 बजकर 12 मिनट पर शुरू हुई अदालती कार्रवाई लगभग 22 मिनट तक चली, जिसके बाद कोर्ट ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर वापस बिहार की गया जिला जेल भेजने का आदेश दिया.
सुनवाई के दौरान विशेष जज ने अरमान से पूछा कि क्या वह अपने बचाव के लिए कोई वकील तैनात करना चाहता है? अदालत ने उसे इसके लिए जरूरी प्रार्थना पत्र का प्रारूप भी मुहैया कराया. इसके साथ ही पुलिस की ओर से दाखिल की गई चार्जशीट की प्रति भी अरमान को सौंप दी गई. राज्य सरकार का पक्ष डीजीसी क्राइम मनोज कुमार पांडेय ने रखा.
इस अदालती प्रक्रिया के बाद अरमान बिहारी फिलहाल यूपी पुलिस की कस्टडी रिमांड से बच गया है. उसे बिहार पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच वापस गया जेल भेज दिया गया है, लेकिन करीब 14 दिनों के भीतर उसे दोबारा प्रयागराज की इसी अदालत में हाजिर होना पड़ेगा. मंगलवार को उसके निजी वकील कोर्ट में अपना पक्ष रखेंगे.
आपको बता दें कि बिहार के गया से जब पुलिस टीम अरमान को लेकर प्रयागराज आ रही थी, तब उसके परिवार वाले काफी डरे हुए थे. उसके माता-पिता और भाइयों ने मीडिया के सामने यूपी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए एनकाउंटर का अंदेशा जताया था.
प्रयागराज की स्पेशल कोर्ट में उमेश पाल ट्रिपल मर्डर केस का ट्रायल तेजी से आगे बढ़ रहा है. मामले के विवेचक राजेश कुमार मौर्य, उमेश पाल की पत्नी जया पाल और माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे अली अहमद के बयान और गवाही पहले ही दर्ज की जा चुकी है. अब अरमान बिहारी की पेशी से इस पूरे मामले में कानूनी शिकंजा और मजबूत होने की उम्मीद है.
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-भारत एक्सप्रेस
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