महाकुंभ 2025

महाकुंभ मेला में नेशनल बुक ट्रस्ट ने शुरू किया Reading Lounge, पहले दिन आए एक लाख से ज्यादा लोग

महाकुंभ मेला 2025 में आने वाले आगंतुकों और पुस्तक प्रेमियों को अब 24/7 रीडिंग लाउंज मिलेगा. नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा रीडिंग लाउंज सेक्टर 1, परेड ग्राउंड, प्रयागराज में नमामि गंगे मंडप के अंदर स्थापित किया गया है.

पहले दिन एक लाख लोग पहुंचे

रीडिंग लाउंज में पहले दिन ही लगभग एक लाख आगंतुक आए. सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के सचिव अमित यादव (आईएएस) ने हाल ही में नमामि गंगे मंडप और एनबीटी रीडिंग लाउंज का भी दौरा किया.

अलग-अलग लेखकों की मिलेंगी किताबें

एनबीटी रीडिंग लाउंज विभिन्न शैलियों में लगभग 1000 शीर्षक प्रदान करता है, जो विविध लेखकों द्वारा लिखे गए हैं. इन शीर्षकों में भारतीय दर्शन, भारतीय संस्कृति के केंद्रीय मूल्यों के साथ-साथ कुंभ मेले पर लिखी गई पुस्तकें शामिल हैं. उदाहरण के लिए, अरविंद मिश्र की ‘कुंभ के मेले में मंगलवासी’, धनंजय चोपड़ा की ‘भारत में कुंभ’ और अनीता जैन भटनागर की ‘ए विजिट टू कुंभ’ जैसी किताबें एनबीटी 24/7 रीडिंग लाउंज में आगंतुकों के लिए उपलब्ध होंगी.

इसके अतिरिक्त, एनबीटी पुस्तक परिक्रमा (मोबाइल पुस्तक प्रदर्शनी) महाकुंभ मेला 2025 में अपना दौर शुरू करेगी. इसके अलावा, शिक्षा मंत्रालय का राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय महाकुंभ मेले में नेशनल बुक ट्रस्ट के रीडिंग लाउंज और लाइब्रेरी में भी उपस्थिति दर्ज कराता है. यह पहल पाठकों के लिए विभिन्न शैलियों के शीर्षकों की एक अंतहीन पसंद लेकर आती है, जिसे उपयोगकर्ता अपनी पसंद के किसी भी उपकरण से पढ़ सकते हैं. नमामि गंगे पैविलियन के अंदर एनबीटी रीडिंग लाउंज में, आगंतुकों को बताया जाएगा कि वे अपने मोबाइल फोन पर राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय ऐप कैसे इंस्टॉल कर सकते हैं या हजारों ई-पुस्तकों, कहानियों और सीखने के संसाधनों तक पहुंचने के लिए क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं.

दुनिया में लोगों का सबसे बड़ा जमावड़ा

45 दिवसीय महाकुंभ मेला 2025 हर 12 साल में आयोजित किया जाता है और यूनेस्को द्वारा मानवता की एक अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो देश में केंद्रीय भूमिका निभाता है, आम भारतीयों पर एक मंत्रमुग्ध प्रभाव डालता है.

यह भी पढ़ें- Maha kumbh 2025: कड़ाके की ठंड के बावजूद 6 दिन में 7 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई डुबकी

आस्था और सद्भाव का उत्सव

गंगा, यमुना और पौराणिक अदृश्य सरस्वती के संगम पर, प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला भक्तों और आगंतुकों के लिए आस्था, विज्ञान, संस्कृति, सामाजिकता और सामूहिकता का एक समृद्ध संगम लेकर आता है, जो भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है और आस्था का जश्न मनाता है. महाकुंभ मेला एक ऐसा आयोजन है जो आंतरिक रूप से खगोल विज्ञान, ज्योतिष, आध्यात्मिकता और सामाजिक-सांस्कृतिक रीति-रिवाजों और प्रथाओं के विज्ञान को समाहित करता है. यह आयोजन और इसके सभी रूपों में ज्ञान का गतिशील मिश्रण, नेशनल बुक ट्रस्ट, भारत को ज्ञान और सीखने के इस उत्सव में अपना अनूठा योगदान देने के लिए एक आदर्श स्थान प्रदान करता है.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

Recent Posts

PM Fincap Fraud Case: आरोपी संतोष महालिंगम के लिए सुप्रीम कोर्ट की कड़ी शर्त, भारत लौटने से पहले जमा करने होंगे 70 करोड़ रुपये

सुप्रीम कोर्ट ने पीएम फिनकैप लिमिटेड से जुड़े कथित धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में विदेश…

5 minutes ago

स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से नियमित जमानत, जानें अदालत ने लगाईं कौन-कौन सी शर्तें

Swatantra Bhardwaj Bail: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को जंतर-मंतर प्रदर्शन से…

41 minutes ago

यूपी राज्यसभा के लिए बीजेपी के आठों उम्मीदवारों ने दाखिल किया पर्चा, सीएम योगी रहे मौजूद

UP Rajya Sabha Election: उत्तर प्रदेश राज्यसभा चुनाव को लेकर आज नामांकन का आखिरी दिन…

43 minutes ago

केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का निधन, 33 साल के करियर का अंत; एजेंसी में शोक की लहर

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के ज्वाइंट डायरेक्टर स्वपन बोस का लंबी बीमारी के बाद 6 अक्टूबर…

1 hour ago