Aaj Ka Panchang 14 February 2026
Aaj Ka Panchang 14 February 2026: आज 14 फरवरी 2026, शनिवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. हिंदू पंचांग के अनुसार, आज फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शाम 04:01 बजे तक रहेगी, जिसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा. त्रयोदशी और शनिवार के संयोग से आज ‘शनि प्रदोष व्रत’ रखा जाएगा. यह दिन कर्मफल दाता शनिदेव और भोलेनाथ को समर्पित है. आज ‘सिद्धि योग’ बन रहा है, जो कार्यों में सफलता सुनिश्चित करता है.
आज ग्रहों की चाल भी विशेष संकेत दे रही है. चंद्रमा आज धनु राशि में संचार करेंगे और देर रात मकर राशि में प्रवेश करेंगे. सूर्य देव कुंभ राशि में विराजमान हैं. हालांकि, आज के पंचांग में ‘मृत्यु बाण’ और ‘राहुकाल’ जैसे अशुभ योगों का भी जिक्र है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत बहुत सोच-समझकर करनी चाहिए. दिशाशूल पूर्व दिशा में है, अतः इस दिशा में यात्रा करने से बचना हितकर रहेगा.
आज फाल्गुन कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि शाम 04:01 बजे तक है, इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी. नक्षत्रों में ‘पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र’ शाम 06:16 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र लगेगा. योग की बात करें तो आज ‘सिद्धि योग’ बन रहा है, जो देर रात 03:17 बजे तक रहेगा. यह योग कार्यसिद्धि के लिए बहुत शुभ है. करण में तैतिल शाम 04:01 बजे तक और उसके बाद गर करण रहेगा.
सूर्य देव मकर राशि में हैं (कुछ पंचांगों के अनुसार कुंभ में संक्रमण के करीब). चंद्रमा आज पूरे दिन और रात धनु राशि में संचार करेंगे और देर रात 12:42 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे. धनु राशि का चंद्रमा आध्यात्मिकता को बढ़ाता है. आज सूर्योदय सुबह 07:00/07:03 बजे और सूर्यास्त शाम 06:10/06:18 बजे होगा. चंद्रोदय भोर में 04:44/05:36 (अगले दिन) बजे होगा.
आज के दिन ‘अभिजीत मुहूर्त’ दोपहर 12:13 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा, जो दिन का सबसे शुभ समय है. ‘अमृत काल’ दोपहर 01:03 बजे से 02:47 बजे तक रहेगा, जो शनि पूजा के लिए उत्तम है. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:18 बजे से 06:09 बजे तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 06:08 बजे से 06:34 बजे तक है.
आज सुबह का समय विशेष सतर्कता की मांग करता है. सुबह 09:48 बजे से 11:12 बजे तक ‘राहुकाल’ रहेगा, जिसमें शुभ कार्य वर्जित हैं. ‘यमगण्ड’ दोपहर 01:59 बजे से 03:23 बजे तक और ‘गुलिक काल’ सुबह 07:00 बजे से 08:24 बजे तक रहेगा. ‘मृत्यु बाण’ का प्रभाव देर रात तक रहेगा, इसलिए जोखिम भरे कार्यों से बचें. दिशाशूल पूर्व दिशा में है.
आज ‘शनि प्रदोष व्रत’ है. यह व्रत भगवान शिव और शनिदेव की कृपा पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है. मान्यता है कि आज के दिन शाम के समय (प्रदोष काल में) शिवलिंग पर जल चढ़ाने और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट दूर होते हैं. यह व्रत संतान प्राप्ति और शत्रुओं पर विजय के लिए भी किया जाता है.
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14 फरवरी 2026 का पंचांग स्पष्ट करता है कि आज का दिन शनिदेव को प्रसन्न करने का सुनहरा अवसर है. सिद्धि योग और अभिजीत मुहूर्त (12:13 PM – 12:58 PM) का लाभ उठाकर आप अपने कार्यों को सफल बना सकते हैं. बस राहुकाल (09:48 AM – 11:12 AM) और मृत्यु बाण के कारण सावधानी बरतें और पूर्व दिशा की यात्रा टालें.
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