Aaj Ka Panchang 29 March 2026
Aaj Ka Panchang 29 March 2026: आज 29 मार्च 2026, दिन रविवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जो सुबह 07:46 बजे तक रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि का आरंभ हो जाएगा. रविवार का पावन दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव और जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. आज के दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने और ‘कामदा एकादशी’ का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्टों का अंत होता है.
आज का दिन विशेष रूप से ‘कामदा एकादशी’ (अमलकी एकादशी) के पावन पर्व के लिए जाना जाता है. मान्यता है कि आज के दिन श्रीहरि विष्णु की पूजा करने से अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा कर्क राशि में संचरण कर रहे हैं. हालांकि, आज पूरे दिन ‘गंड मूल’ का प्रभाव रहेगा और शाम के समय ‘राहुकाल’ का साया भी है. सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों (जैसे अभिजित मुहूर्त) का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है.
पंचांग के अनुसार, आज चैत्र शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है जो उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन मान्य रहेगी (धार्मिक कार्यों के लिए). रविवार का दिन सूर्य उपासना, मान-सम्मान में वृद्धि और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है.
आज दोपहर 02:38 बजे तक ‘अश्लेषा नक्षत्र’ रहेगा, जो बुध का नक्षत्र है. इसके बाद मघा नक्षत्र की शुरुआत होगी. योग की बात करें तो आज शाम 06:20 बजे तक कार्यों को गति देने वाला ‘धृति योग’ है. आज पूरे दिन गंड मूल नक्षत्र का प्रभाव रहेगा.
आज सूर्य देव मीन राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्रमा पूरे दिन कर्क राशि में गोचर करेंगे. कर्क राशि का चंद्रमा व्यक्ति को संवेदनशील और मानसिक रूप से सक्रिय बनाता है.
किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को आरंभ करने के लिए आज ‘अभिजित मुहूर्त’ का समय सबसे श्रेष्ठ है. इन मुहूर्तों में की गई पूजा-अर्चना विशेष फलदायी होगी.
आज शाम के समय ‘राहुकाल’ रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य करना वर्जित है. इसके साथ ही सुबह के समय भद्रा का साया भी रहेगा.
आज ‘कामदा एकादशी’ का पावन व्रत है. इसे चैत्र शुक्ल एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की सविधि पूजा और व्रत करने से ब्रह्म हत्या जैसे पापों से मुक्ति मिलती है और भक्त की समस्त सांसारिक इच्छाएं पूर्ण होती हैं.
निष्कर्ष के तौर पर, 29 मार्च 2026 का दिन ‘कामदा एकादशी’ की दैवीय ऊर्जा से भरा है, लेकिन ‘गंड मूल’ और ‘राहुकाल’ के कारण आपको सतर्क रहना होगा. कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय ‘अभिजित मुहूर्त’ (दोपहर 12:01 से 12:51) में ही लें और शाम 5 बजे के बाद के राहुकाल से बचें. श्रीहरि का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें.
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