6 सितंबर 2026 का पंचांग
Aaj Ka Panchang 4 September 2026: आज शुक्रवार, 4 सितंबर को देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था, इसलिए जन्माष्टमी के दिन इस नक्षत्र का होना धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है.
आज चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित रहेंगे और रोहिणी नक्षत्र का प्रभाव रात तक रहेगा. साथ ही हरषणा योग भी बन रहा है. ऐसे में पूजा-पाठ, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए आज का दिन विशेष माना जा रहा है. आइए जानते हैं 4 सितंबर का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और जन्माष्टमी से जुड़ी जरूरी जानकारी.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के प्राकट्य का पर्व है. धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में मध्यरात्रि के समय हुआ था. यही वजह है कि जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है.
आज रोहिणी नक्षत्र रात 11:01 बजे तक रहेगा. इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा. भक्त दिनभर उपवास और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन रहकर रात में जन्मोत्सव की तैयारियां करेंगे.
4 सितंबर को दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक रहेगा. परंपरा के अनुसार इस अवधि को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है.
आज के दिन शुभ कार्यों की योजना बनाते समय राहुकाल समेत अन्य अशुभ समय का ध्यान रखना उपयोगी रहेगा.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.
4 सितंबर को सूर्योदय सुबह 6:01 बजे और सूर्यास्त शाम करीब 6:31 बजे होगा. वहीं चंद्रोदय रात 10:26 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 11:56 बजे के आसपास होगा. जन्माष्टमी व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए चंद्रमा का समय भी महत्वपूर्ण होता है. हालांकि व्रत खोलने की परंपरा और समय अलग-अलग क्षेत्रों तथा परिवारों की मान्यताओं के अनुसार भिन्न हो सकता है.
ये भी पढ़ें: Aaj Ka Rashifal: जन्माष्टमी पर इन राशियों पर बरसेगी कान्हा की कृपा, धन से लेकर करियर तक मिलेंगे शुभ संकेत
शुक्रवार को दिन के चौघड़िया में प्रमुख समय इस प्रकार रहेगा
जन्माष्टमी के दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करते हैं. घर के मंदिर में लड्डू गोपाल को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और माखन-मिश्री, फल तथा अन्य सात्विक पदार्थों का भोग लगाया जाता है. रात में भगवान के जन्म के समय आरती और भजन-कीर्तन करने की परंपरा है. इस दिन श्रद्धा के साथ श्रीकृष्ण नाम का स्मरण, गीता का पाठ और जरूरतमंदों को दान करना भी शुभ माना जाता है.
-भारत एक्सप्रेस
अमेरिका के 2026 मध्यावधि चुनावों के शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती दिख…
Silver Crash: चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट के चलते निवेशकों के पास निवेश…
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पिंपरी-चिंचवड पुलिस की आधुनिक पुलिसिंग, डिजिटल नागरिक सहभागिता और…
Rajasthan News: श्रीगंगानगर के अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे ट्रैक पर पैसेंजर ट्रेन के गुजरने के 45 मिनट…
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' के प्रभाव से दक्षिण भारत समेत देश के 13 राज्यों में हल्की…
4 नवंबर 2026, बुधवार को कार्तिक कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि के बाद रमा एकादशी…