Aaj Ka Panchang 6 March 2026
Aaj Ka Panchang 6 March 2026: आज 6 मार्च 2026, दिन शुक्रवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शाम 05:53 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि का आरंभ हो जाएगा. आज का पावन दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को समर्पित है. साथ ही, आज विघ्नहर्ता भगवान गणेश का ‘भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी’ व्रत भी है.
ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा दिन भर कन्या राशि में संचरण करेंगे और रात 10:18 बजे के बाद तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे. हालांकि, आज कुछ चुनौतीपूर्ण योग भी बन रहे हैं. दिन के अधिकांश समय ‘भद्रा’ (विष्टि करण) का अशुभ साया रहेगा, जिसे मांगलिक कार्यों के लिए वर्जित माना जाता है. इसके अलावा सुबह ‘गंड योग’ का प्रभाव रहेगा. सफलता सुनिश्चित करने के लिए ‘अभिजीत मुहूर्त’ और ‘वृद्धि योग’ जैसे शुभ समय का ज्ञान होना नितांत आवश्यक है.
पंचांग के अनुसार, आज चैत्र कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि शाम 05:53 बजे तक मान्य रहेगी. इसके पश्चात चतुर्थी तिथि लग जाएगी. शुक्रवार का दिन सुख, समृद्धि और प्रेम के कारक शुक्र देव तथा माता लक्ष्मी की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.
आज सुबह 09:29 बजे तक हस्त नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी. योग की बात करें तो आज सुबह 07:05 बजे तक ‘गंड योग’ है (जो शुभ नहीं होता), लेकिन इसके तुरंत बाद सुख-समृद्धि देने वाला ‘वृद्धि योग’ लग जाएगा.
आज सूर्य देव कुंभ राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्रमा रात 10:18 बजे तक कन्या राशि में गोचर करेंगे, जिसके बाद वे तुला राशि में प्रवेश कर जाएंगे.
किसी भी जरूरी और मांगलिक कार्य को आरंभ करने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ का समय सबसे श्रेष्ठ है. इन मुहूर्तों में की गई पूजा-अर्चना और कार्य अत्यंत फलदायी होते हैं.
आज के दिन ‘भद्रा’ का साया शाम 05:53 बजे तक रहेगा. भद्रा काल में कोई भी नया शुभ कार्य करना वर्जित है. इसके अलावा सुबह 11 बजे से राहुकाल भी लगेगा.
आज ‘भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी’ का पावन व्रत है. इस दिन भगवान गणेश की आराधना की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन व अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण (व्रत खोलना) किया जाता है.
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निष्कर्ष के तौर पर, 6 मार्च 2026 का दिन ‘भालचंद्र संकष्टी चतुर्थी’ की भक्ति से भरा है, लेकिन ‘भद्रा’ और ‘राहुकाल’ के कारण आपको सतर्क रहना होगा. कोई भी नया कार्य या महत्वपूर्ण निर्णय भद्रा समाप्ति (शाम 05:53) के बाद या दोपहर के ‘अभिजीत मुहूर्त’ में ही लें. भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की पूजा से आपके जीवन के सभी विघ्न दूर होंगे और समृद्धि आएगी.
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