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कालाष्टमी पर ‘शतभिषा नक्षत्र’ का महा-संयोग, सुबह के राहुकाल में भूलकर भी न करें शुभ कार्य; जानें पूजा मुहूर्त और उपाय

Aaj Ka Panchang 8 June 2026: आज 8 जून 2026, दिन सोमवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज विक्रम संवत 2083 के अंतर्गत अधिक ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो अगले दिन तड़के 03:23 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा. सोमवार का यह पावन दिन देवों के देव महादेव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है. आज के दिन शिव जी के साथ भगवान काल भैरव और भगवान श्री कृष्ण की पूजा करने से जीवन के सभी कष्टों, काल सर्प दोषों और अज्ञात शत्रुओं के भय का समूल नाश होता है.

पंचांग विवरण (Aaj Ka Panchang 8 June 2026)

आज का दिन विशेष रूप से ‘अधिक कालाष्टमी’ और ‘मासिक कृष्ण जन्माष्टमी’ के पावन पर्व के अद्भुत संगम के लिए जाना जाता है. अधिक मास में इस तिथि का आना बेहद कल्याणकारी और दुर्लभ माना गया है. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण कर रहे हैं. दिन की शुरुआत राहु के स्वामित्व वाले ‘शतभिषा नक्षत्र’ के प्रभाव से हो रही है, जो व्यक्ति को कुशाग्र बुद्धि, साहसी और रहस्यमयी विधाओं का ज्ञाता बनाता है. हालांकि, सफलता सुनिश्चित करने के लिए आज के चुनौतीपूर्ण योगों और शुभ मुहूर्तों का पूरा ज्ञान होना नितांत आवश्यक है.

तिथि और वार (Today’s Tithi and Day)

पंचांग के अनुसार, आज अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है जो अगले दिन तड़के 03:23 बजे तक मान्य रहेगी. सोमवार का दिन भगवान भोलेनाथ की साधना, मानसिक शांति प्राप्त करने और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ व पवित्र माना जाता है.

  • तिथि: कृष्ण अष्टमी (अगले दिन तड़के 03:23 बजे तक), फिर नवमी
  • पक्ष: कृष्ण पक्ष (अधिक मास)
  • वार: सोमवार

नक्षत्र और योग (Nakshatra and Yoga)

आज प्रातः 09:09 बजे तक ‘शतभिषा नक्षत्र’ रहेगा, जो राहु का नक्षत्र है. इसके बाद देवगुरु बृहस्पति के स्वामित्व वाले ‘पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र’ की शुरुआत हो जाएगी. योग की बात करें तो आज सुबह 09:28 बजे तक ‘विष्कुम्भ योग’ रहेगा, जिसके तुरंत बाद शुभ और मधुर फल देने वाला ‘प्रीति योग’ लग जाएगा.

  • नक्षत्र: शतभिषा (प्रातः 09:09 बजे तक), फिर पूर्वाभाद्रपद
  • योग: विष्कुम्भ योग (प्रातः 09:28 बजे तक), फिर प्रीति योग
  • करण: बालव (दोपहर 03:29 बजे तक), फिर कौलव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Position of Sun and Moon)

आज सूर्य नारायण वृषभ राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्र देव कुंभ राशि में गोचर करेंगे और अगले दिन तड़के 03:36 बजे के बाद मीन राशि में प्रवेश करेंगे. कुंभ राशि का चंद्रमा व्यक्ति को न्यायप्रिय, स्वतंत्र विचारों वाला और समस्याओं को सुलझाने में निपुण बनाता है.

  • सूर्य राशि: वृषभ
  • चंद्र राशि: कुंभ (अगले दिन तड़के 03:36 बजे तक), फिर मीन
  • सूर्योदय / सूर्यास्त: प्रातः 05:23 बजे / सायं 07:18 बजे
  • चंद्रोदय / चंद्रास्त: मध्यरात्रि 12:50 बजे (9 जून) / दोपहर 12:06 बजे

शुभ मुहूर्त (Today’s Shubh Muhurat)

किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को आरंभ करने, भगवान काल भैरव या श्री कृष्ण की विशेष पूजा करने के लिए आज ‘अभिजीत मुहूर्त’ का समय सबसे श्रेष्ठ और फलदायी रहेगा.

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:52 से दोपहर 12:48 तक
  • अमृत काल: अगले दिन तड़के (9 जून) 01:29 से तड़के 03:07 तक

राहुकाल, गुलिकाल और अशुभ समय (Rahukaal and Inauspicious Times)

आज सोमवार को सुबह के समय ही ‘राहुकाल’ का प्रभाव रहेगा. राहुकाल के दौरान किसी भी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत, मांगलिक कार्य या धन का बड़ा लेन-देन करना सर्वथा वर्जित माना गया है. सफलता सुनिश्चित करने के लिए इस समय विशेष सावधानी बरतें.

  • राहुकाल: प्रातः 07:07 से प्रातः 08:52 तक (इस समय शुभ कार्य टालें)
  • गुलिकाल: दोपहर 02:05 से सायं 03:49 तक
  • यमगण्ड काल: प्रातः 10:36 से दोपहर 12:20 तक

व्रत और त्यौहार (Today’s Fasts and Festivals)

आज ‘अधिक कालाष्टमी’ के साथ ‘मासिक कृष्ण जन्माष्टमी’ का पावन व्रत रखा जा रहा है. मान्यता है कि आज के दिन शाम के समय भगवान काल भैरव की सात्विक पूजा करने और कालभैरवाष्टकम का पाठ करने से तंत्र-मंत्र और शत्रुओं की बाधाएं समाप्त होती हैं. साथ ही, मध्यरात्रि में बाल गोपाल श्री कृष्ण का अभिषेक करने से घर में सुख, समृद्धि और संतानों के जीवन में आने वाले संकट टल जाते हैं.

ये भी पढ़ें: शिव योग का महा-जाल! चंद्रमा की चाल से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, सिंह-कन्या पर मंडराया संकट; पढ़ें आज का राशिफल

आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 8 June 2026) पढ़ लिया है. अब धर्म, आध्यात्म से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें.

आज के पंचांग का सार (Conclusion)

निष्कर्ष के तौर पर, 8 जून 2026 का दिन ‘अधिक कालाष्टमी’ के पुण्य प्रभाव और शिव भक्ति के पावन वातावरण से भरपूर है. लेकिन सुबह के समय रहने वाले ‘विष्कुम्भ योग’ और ‘राहुकाल’ के कारण आपको शुरुआत में सतर्क रहना होगा. कोई भी महत्वपूर्ण कार्य या निर्णय केवल ‘अभिजीत मुहूर्त’ (दोपहर 11:52 से 12:48) में ही संपन्न करें. शिव जी और काल भैरव का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.

Vaibhav Gupta

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