Chandra Grahan 2025: 7 सितंबर 2025 की रात को भारत में पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जिसे ‘ब्लड मून’ भी कहा जाता है, भाद्रपद पूर्णिमा तिथि पर दृश्यमान होगा. यह ग्रहण लगभग 1 घंटे 12 मिनट तक रहेगा. हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जाता है. सूतक काल, जो ग्रहण से पहले शुरू होता है, नकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है. विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के लिए इस दौरान कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है.
हिंदू परंपराओं में ऐसा विश्वास है कि चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा गर्भस्थ शिशु और मां पर प्रभाव डाल सकती है. इसलिए, गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि ग्रहण के दौरान सूर्य और चंद्रमा की किरणें प्रभावित होती हैं, जिसका असर गर्भ पर पड़ सकता है. हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका कोई प्रमाण नहीं है, लेकिन धार्मिक परंपराओं का पालन करने वाले लोग इन नियमों को मानते हैं.
ईश्वर में ध्यान और मंत्रों का जाप:
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान घर में रहकर भगवान का ध्यान करना चाहिए. हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्रनाम या मां दुर्गा के मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है.
शराब और मांसाहार से बचें: इनका सेवन सूतक काल में पूरी तरह वर्जित है.
गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यताओं का पालन करते हुए सावधानी बरतनी चाहिए. यह समय शांति, प्रार्थना और सकारात्मकता के लिए उपयुक्त है.
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-भारत एक्सप्रेस
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