आस्था

राधा अष्टमी 2026: बरसाना जाएं तो भूलकर भी न छोड़ें ये 5 पवित्र स्थान, जहां खिंचे चले आते हैं भक्त

भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक राधा रानी का नाम न लिया जाए. ब्रज भूमि में बरसाना वही पावन जगह है, जहां राधा रानी का बचपन बीता. हर साल भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी को ‘राधा अष्टमी’ के रूप में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है.

कृष्ण जन्माष्टमी के ठीक 15 दिन बाद आने वाला यह त्योहार इस साल 19 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा. इस मौके पर बरसाना में भक्तों का तांता लगता है. आइए जानते हैं बरसाना के उन प्रमुख धार्मिक स्थलों के बारे में, जिनके दर्शन के बिना आपकी यात्रा अधूरी है.

1. श्री राधा रानी मंदिर (लाड़ली जी मंदिर)

बरसाना के बीचों-बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर यहां का सबसे मुख्य केंद्र है. स्थानीय लोग राधा रानी को प्यार से ‘लाड़ली जी’ और ‘वृषभानु दुलारी’ कहते हैं. 1675 में राजा वीर सिंह द्वारा बनवाए गए इस भव्य मंदिर तक पहुंचने के लिए सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं. बरसाना की मशहूर लट्ठमार होली और राधा अष्टमी का मुख्य उत्सव यहीं आयोजित होता है.

2. मान मंदिर

ब्रज धाम की निस्वार्थ सेवा और भक्ति का प्रतीक ‘मान मंदिर’ अपनी अलग पहचान रखता है. माना जाता है कि यहां केवल ईश्वर की आराधना और भक्ति के बल पर ही बड़े-बड़े जनसेवा के कार्य संचालित होते हैं. मानसिक शांति की तलाश में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह जगह बेहद खास है.

3. मोर कुटीर

लाड़ली जी मंदिर के पास स्थित यह लाल ईंटों का अनोखा मंदिर है, जिसमें कोई खिड़की नहीं है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहां भगवान श्रीकृष्ण ने मोर का रूप धारण कर मोर के साथ नृत्य प्रतियोगिता की थी, जिसमें वे हार गए थे. मंदिर में श्रीकृष्ण के इसी मनमोहक रूप की तस्वीर स्थापित है.

4. संकरी खोर

दो पहाड़ियों के बीच का यह बेहद तंग रास्ता द्वापर युग की लीलाओं की याद दिलाता है. कहा जाता है कि जब गोपियां दूध-दही बेचने बाजार जाती थीं, तब नटखट कृष्ण अपने सखाओं के साथ यहीं उनका रास्ता रोककर ‘माखन कर’ मांगते थे. मना करने पर गोपियों की मटकियां फोड़ दी जाती थीं.

5. रंगीली महल और कीर्ति मंदिर

वर्ष 1996 में जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा बनवाया गया रंगीली महल बेहद सुंदर बाग-बगीचों और झरनों से सजा है. इसी परिसर में राधा जी की माता कीर्ति जी को समर्पित ‘कीर्ति मंदिर’ भी स्थित है, जो अपनी वास्तुकला और सुंदरता के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है.

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-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

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