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Barsana

राधाष्टमी पर राधारानी के प्राकट्य समय को लेकर श्रद्धालुओं में खास जिज्ञासा रहती है. वैष्णव परंपरा में उनका प्राकट्य मध्याह्न काल में माना जाता है.

Radha Ashtami : ब्रजभूमि सहित पूरी दुनिया के कृष्ण-राधा भक्तों के लिए आज महाउत्सव है. यदि आपकी भी आराध्या श्री राधा हैं तो आपकी सुविधा के लिए यहां 10 प्रमुख मंदिरों की सूची दी गई है, जहाँ आज राधा अष्टमी की धूम है.

राधा अष्टमी पर बरसाना में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगता है. लाड़ली जी मंदिर से लेकर रंगीली महल तक, जानिए बरसाना के उन 5 प्रमुख स्थलों के बारे में जो भक्ति का केंद्र हैं.

Radha Ashtami 2026: ब्रजभूमि अपनी आराध्या, वृषभानु-दुलारी श्रीराधा के प्राकट्योत्सव के लिए पूरी तरह सज चुकी है. इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव है. राधानगरी बरसाना में जनसैलाब उमड़ रहा है. जानिए कैसे कर सकते हैं दर्शन -

राधा अष्टमी 2026: इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव मनेगा. BharatExpress.Com पर आज ही जान लीजिए श्रीराधा के प्राकट्य का रहस्य. 5254 बरस पहले यमुना किनारे रावल में कमल पुष्प पर प्रकट हुई थीं लाडली जी, पहली बार अपने नेत्र श्रीकृष्ण के आने पर खोले.

एक ओर दुनिया जहां ईरान-इजरायल-अमेरिका..पश्चिम एशिया में छिड़े सैन्य टकराव से चिंतित है, वहीं, दूसरी ओर करोड़ों सनातनी होली के हर्षोल्लास में डूबे हैं. भारतभर में हिंदू-मुस्लिम सिख और ईसाइयों के बीच जगह-जगह रंगों का उत्सव मनाया जा रहा है. ये परंपरा 5 हजार साल से ज्यादा पुरानी है, जिसका मूल श्रीराधा-कृष्ण हैं. देखें विशेष प्रस्तुति...

Mathura-Vrindavan Holi: मथुरा-वृंदावन में होली का उत्सव 25 फरवरी से शुरू हो चुका है. देशभर से श्रद्धालु ब्रज पहुंचकर भक्ति और श्रद्धा के रंग में डूबकर होली मना रहे हैं.

Braj Ki Holi 2026: ब्रज की होली भक्ति और उल्लास का मेल है. यहां खेले जाने वाली होली के प्रमुख कार्यक्रम 5 मार्च तक चलेंगे. बरसाना में 25 फरवरी को लठामार होली खेली गई, अब नंदगांव में भी 26 फरवरी ऐसी ही होली होगी. बांके बिहारी में रंगों की होली 27 फरवरी को होगी.

बरसाना में लट्ठमार होली का विश्‍व प्रसिद्ध उत्सव मनाया जा रहा है. लगभग 20 लाख श्रद्धालु रंगों में नहाने चले आए हैं, हजारों ढोल-नगाडों की धुन पर झूम रहे हैं.

इस साल होली पर चंद्रग्रहण के कारण ब्रज के प्रमुख मंदिरों, खासकर ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर, राधादामोदर और राधारमण मंदिरों के दर्शन और पूजा के समय में बदलाव हुआ है.