देश भर में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2026) का महापर्व पूरी भव्यता और उत्साह के साथ शुरू हो चुका है. इस पावन अवसर पर उद्योग जगत के दिग्गज और अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडानी तथा अडानी पोर्ट्स (APSEZ) के प्रबंध निदेशक करण अडानी ने अपने परिवार के साथ मुंबई के अत्यंत प्रसिद्ध और ऐतिहासिक ‘चिंचपोकली चा चिंतामणि’ पहुंचकर बप्पा के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की. प्रणव अडानी ने इस अवसर पर कहा कि-
“चिंचपोकली सर्वजनिक उत्सव मंडल के साथ जुड़कर हम खुद को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. 107 वर्षों का इसका समृद्ध इतिहास मुंबई की भक्ति, एकता और सांस्कृतिक चेतना का पर्याय बन चुका है.”
मुंबई के दूसरे सबसे पुराने सार्वजनिक गणपतियों में शुमार चिंचपोकली चा चिंतामणि इस वर्ष अपनी स्थापना का 107वां वर्ष मना रहा है. गिरगाँव, परेल और लालबौग के पुराने कपड़ा मिल मजदूरों की बस्तियों से अपनी जड़ें जोड़ने वाला यह मंडल स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की उस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है, जिन्होंने 1890 के दशक में गणेशोत्सव को एक सार्वजनिक आंदोलन का रूप दिया था. 1939 से यह उत्सव लगातार चिंचपोकली रेलवे स्टेशन के पूर्वी हिस्से के पास आयोजित किया जा रहा है.
इस वर्ष चिंचपोकली चा चिंतामणि की सजावट और थीम ने देश भर के श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इस बार का पंडाल और पूरी सजावट दक्षिण भारतीय मंदिर वास्तुकला (South Indian Temple Architecture) पर आधारित है.
#WATCH | Maharashtra: Pranav Adani, Managing Director (Agro, Oil & Gas) and Director of Adani Enterprises, and Karan Adani, Managing Director of Adani Ports & Special Economic Zone Ltd., along with their family, offered prayers at Chinchpokli Cha Chintamani on the occasion of… pic.twitter.com/QMH7wq7XgO
— ANI (@ANI) September 14, 2026
भगवान गणेश की प्रतिमा को तिरुपति (तिरुपति तिरुमला) के भगवान वेंकटेश्वर बालाजी की थीम पर ढाला गया है. इसमें गरुड़, कीर्तिमुख, शंख, चक्र और कपूर तिलक जैसे पारंपरिक पवित्र प्रतीक शामिल हैं. हैदराबाद और भुवनगिरी स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (स्वर्णगिरी) की तर्ज पर विशाल गोपुरम, पवित्र दीपस्तंभ और नक्काशीदार यली/व्याला रक्षक आकृतियां बनाई गई हैं, जो देखते ही बनती हैं.
चिंचपोकली सर्वजनिक उत्सव मंडल केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों में भी हमेशा आगे रहा है. लगभग 5,000 योगदानकर्ताओं वाले इस मंडल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्तदान शिविरों के जरिए समाज की सेवा की है. कोविड-19 महामारी के दौरान भी इस मंडल ने सार्वजनिक समारोहों को सीमित कर स्वास्थ्य शिविरों और चिकित्सा सहायता अभियानों पर पूरा जोर दिया था.
दिल्ली के मावलंकर हॉल में आयोजित पेंटिंग प्रदर्शनी 'डिस्कवर द पावर ऑफ एक्सप्रेशन' में भारत…
SP Singh Baghel: भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क, महाकवि गोपाल दास नीरज फाउंडेशन ट्रस्ट और सोनवी…
नालसार यूनिवर्सिटी में बोलते हुए जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने कहा कि चुनाव आयोग की SIR…
Vijay Sinha: बिहार सरकार के मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में…
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस रोहिंटन नरीमन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट…
भोपाल में गृह मंत्री अमित शाह ने देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य…