आस्था

Someswar Mahadev Temple में पूजा अर्चना से ठीक हो जाते हैं गंभीर रोग, रहस्यों से जुड़ा है ये मंदिर

तीर्थराज प्रयागराज में Someswar Mahadev Temple  संगम तट पर स्थित है. मान्यता है है कि गंभीर बीमारी के रोगी मंदिर में बाबा भोलेनाथ की पूजा अर्चना करने से ठीक हो जाते हैं. इन दिनों मंदिर क्षेत्र में सावन का मेला चल रहा है. महादेव को जलाभिषेक करने दूर दूर से कांवड़िए और शिवभक्त पहुंच रहें है. यहां का पूरा माहौल हर हर महादेव और बंब बंब भोले के जयकारे के साथ शिवमय हो चुका है

चंद्रदेव ने की थी Someswar Mahadev Temple की स्थापना

पौराणिक कथा के अनुसार चंद्रदेव ने सोमेश्वर महादेव मंदिर ( Someswar Mahadev Temple ) की स्थापना की थी. उन्हें एक श्राप के कारण कुष्ठ रोग हो गया था जो सोमेश्वर महादेव की कृपा से ठीक हो सका. श्रद्धालुओं ने जब देखा कि चंद्रदेव का कुष्ठ रोग सोमेश्वर महादेव की कृपा से ठीक हो गया तो यह बात जंगल में आग की तरह लोगों में फैल गई. उस दिन के बाद गंभीर बीमारियों से ग्रस्त रोगी मंदिर आकर शिवलिंग की पूजा अर्चना करने लगे. उनको रोगों से मुक्ति भी मिली और इसके बाद सोमेश्वर महादेव मंदिर रोगों से मुक्ति दिलाने वाले मंदिर के रूप में प्रसिद्ध हो गया.

जटाधारी शिव का संगमनगरी से गहरा नाता है। भगवान ब्रह्मा ने दारागंज क्षेत्र में गंगा के तट पर खुद भगवान शिव को दशाश्वमेध रूप में स्थापित किया था.

ये भी पढ़ें : गुजरात में आज सावन का पहला दिन, जूनागढ़ के प्राचीन Bhavnath temple में गूंज रहे हैं हर हर महादेव के जयकारे

चंद्रदेव से जुड़ी पदम पुराण की कथा

पदम पुराण की कथा के अनुसार राजा दक्ष ने अपनी 27 पुत्रियों का विवाह चंद्रदेव से किया था. चंद्रदेव इनमें से एक रानी रोहिणी को काफी प्यार करते थे बाकी 26 रानियां इसको लेकर काफी दुखी रहती थीं. इन रानियों के श्राप से चंद्रदेव को कुष्ठ रोग हो गया. चंद्रदेव ने अपनी बीमारी को ठीक करने के सभी प्रयास किए लेकिन वह ठीक नहीं हो सके. ऐसे में देवताओं की सलाह पर चंद्रदेव ने नैनी क्षेत्र के संगम के अरैल घाट पर शिवलिंग की स्थापना कर वहां खूब तपस्या की. भगवान शंकर चंद्रदेव की इस तपस्या से काफी खुश हो गए और उन्होंने चंद्रदेव को साक्षात दर्शन दिए और कुष्ठ रोग से ठीक होने का आशीर्वाद दिया. इसके बाद चंद्रदेव का कुष्ठ रोग ठीक हो गया, तभी से ये मान्यता हो गई कि जो भी सोमेश्वर महादेव  ( Someswar Mahadev Temple ) की पूजा अर्चना करेगा वह गंभीर रोग से ठीक हो जाएगा.

प्रत्येक पूर्णिमा की रात होता है चमत्कार

Someswar Mahadev Temple  से जुड़ी एक प्राचीन रहस्यमय मान्यता भी है. कहते हैं कि प्रत्येक माह की पूर्णिमा की रात में इस मंदिर के शिखर पर लगे त्रिशूल की दिशा बदल जाती है. इस रहस्य को पता करने के लिए लोग पूर्णिमा की रात निगाह लगाए रहे लेकिन उन्हें कुछ भी नहीं दिखा लेकिन अगली सुबह त्रिशूल की दिशा बदली हुई मिली. यह अनहोनी भी दूर दूर तक के लोगों को आकर्षित करती है.

वनवास के दौरान भगवान राम ने की थी Someswar Mahadev Temple में पूजा अर्चना

सोमेश्वर मंदिर के अरैल क्षेत्र में पहले काफी जंगल था लेकिन समय के साथ साथ बसावट के कारण यह शहरी क्षेत्र हो गया. वनवास के दौरान राम, भ्राता लक्ष्मण और माता सीता ने सोमेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की थी. मुगल शासक औरंगजेब ने भी मंदिर की मूर्तियां को क्षतिग्रस्त किया था लेकिन इसके बाद वह बहुत बीमार हो गया. उसे लगा कि महादेव ने उसे दंड दिया है इसलिए प्रायश्चित के तौर पर उसने कई बीघे जमीन मंदिर के नाम  दी. इस मंदिर का जीर्णोद्वार सन 1735 में पेशवा बाजीराव प्रथम ने कराया था.

सावन के महीने में लगा है मेला

Someswar Mahadev Temple  मंदिर क्षेत्र में सावन में हर साल मेला लगता है. इस वर्ष भी एक बड़ा मेला लगा हुआ है, मेले में  खान पान व धार्मिक सामनों की दुकानें, तरह तरह के झूले लगे हुए हैं. मंदिर आने वाले श्रद्धालु भगवान भोले नाथ की पूजा अर्चना करने के साथ साथ मेले का भी आनंद उठा रहे हैं. मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में शिवभक्त आ रहे हैं. इसको लेकर पुलिस प्रशासन ने भी चाक चौबंद इंतजाम किए हैं.

Follow Bharat Express on Facebook

भारत एक्सप्रेस

सुशील कुमार तिवारी

Recent Posts

समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी से पहले प्रकट हुई थीं अलक्ष्मी, दरवाजे के बाहर दीपक रखने की पौराणिक कथा और महत्व

Diwali 2026 Alakshmi Story: कार्तिक अमावस्या पर महालक्ष्मी के स्वागत के साथ उनकी बड़ी बहन…

24 minutes ago

भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय की मेजबानी में सजी ‘स्वर्णिम संध्या’; राजनीति, प्रशासन और आध्यात्म जगत की दिग्गज हस्तियां हुईं शामिल

भारत एक्सप्रेस के CMD और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय की मेजबानी में आयोजित ‘स्वर्णिम संध्या’ कार्यक्रम…

5 hours ago

बीकानेर की अनोखी परंपरा, दिवाली पर उर्दू रामायण का पाठ, श्रीराम के संदेश से फैलता है भाईचारा

बीकानेर में दीपावली पर आयोजित होने वाला उर्दू रामायण पाठ गंगा-जमुनी तहजीब की अनोखी मिसाल…

7 hours ago

दियरा घाट पर 2100 दीपों से जगमगाई आदि गंगा गोमती, भगवान राम के प्रथम दीपदान की परंपरा को किया जीवंत

Diyara Ghat Diwali: सुल्तानपुर के ऐतिहासिक दियरा घाट पर छोटी दीपावली के अवसर पर 2100…

7 hours ago

अमृतसर के गांव में दिनदहाड़े खूनी हमला, 100 से 150 हथियारबंद लोगों ने घेरा घर, फायरिंग में युवक घायल

अमृतसर के जंडियाला स्थित गांव अकाल गढ़ ढपइयां में पुरानी रंजिश के चलते 100 से…

7 hours ago