आस्था

75 साल का गौरव: आस्था, स्वर्ण और शिव भक्ति का केंद्र बना सोमनाथ; जानें इस भव्य मंदिर के अनसुने रहस्य

Somnath Temple 75 Years: आज का दिन भारतीय संस्कृति और आस्था के इतिहास में बेहद खास है. 11 मई 1951 को आधुनिक भारत के पुनर्निर्माण के बाद जब सोमनाथ मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा की गई थी, आज उस ऐतिहासिक पल के 75 गौरवशाली साल पूरे हो रहे हैं. गुजरात के प्रभास पाटन में समुद्र किनारे खड़ा ये मंदिर सिर्फ पत्थरों की इमारत नहीं, बल्कि भारत के स्वाभिमान और अटूट श्रद्धा का प्रतीक है.

ऋग्वेद से लेकर स्कंद पुराण तक में जिस मंदिर का वर्णन मिलता है, वह सोमनाथ आज अपने ‘स्वर्ण युग’ में है. आइए, इस खास मौके पर जानते हैं सोमनाथ मंदिर की भव्यता, इसके अनसुलझे रहस्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इसके खास जुड़ाव की कहानी.

शिव भक्त मोदी: मंदिर के कायाकल्प में बड़ा योगदान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ से नाता बहुत पुराना और गहरा है. 1 फरवरी 2014 को जब उन्होंने मंदिर के स्वर्ण शिखर का उद्घाटन किया था, तभी से मंदिर की चमक पूरी दुनिया में फैलने लगी थी. साल 2017 में पीएम के तौर पर उन्होंने यहाँ पहली बार विशेष पूजा की और जनवरी 2021 में उन्हें सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट का चेयरमैन नियुक्त किया गया. उनके कार्यकाल में मंदिर परिसर में कई आधुनिक प्रोजेक्ट्स और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है, जिससे आज यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं को एक दिव्य अनुभव मिलता है.

भव्य… दिव्य सोमनाथ मंदिर का वास्तु

सोमनाथ मंदिर को देखना अपने आप में एक अलौकिक अनुभव है. 155 फीट ऊंचे इस दो मंजिला मंदिर के ऊपर 11 मीटर लंबा ध्वजदंड लहराता है. लेकिन सबसे ज्यादा आकर्षित करते हैं यहाँ के 1666 स्वर्ण कलश. इन कलशों का कुल वजन करीब 10 टन है, जिसकी चमक दूर समुद्र से ही दिखाई देती है. यह मंदिर अपनी मालवा शैली के वास्तुशिल्प के लिए जाना जाता है, जिसे 12वीं सदी में राजपूत राजाओं ने जीवंत किया था.

रहस्य, जो आज भी करता हैं हैरान

प्राचीन सोमनाथ मंदिर अपनी वास्तुकला और चमत्कारों के लिए दुनिया भर में मशहूर था. कहा जाता है कि पुराना मंदिर लकड़ी के 56 खंभों पर टिका था और इसकी मुख्य मूर्ति बिना किसी सहारे के हवा में लटकी रहती थी. यह उस समय के विज्ञान और इंजीनियरिंग का एक बेजोड़ नमूना था. मंदिर की छत सोने से जड़ी थी और यहाँ 40 मन (लगभग 1600 किलो) वजनी सोने का एक घंटा लटका रहता था.

हालाँकि, इस समृद्धि ने आक्रांताओं की नजरें भी अपनी ओर खींची. साल 1026 में महमूद गजनवी ने मंदिर पर हमला किया और करीब 6 टन सोना लूट लिया. लेकिन इतिहास गवाह है कि सोमनाथ को जितनी बार गिराने की कोशिश हुई, वह हर बार और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ.

इतिहास में पहली बार: शिखर कुंभाभिषेक

75वीं वर्षगांठ के इस मौके पर सोमनाथ में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ. मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर पहली बार ‘कुंभाभिषेक’ किया जाएगा. इसके लिए 11 पवित्र तीर्थों का जल लाया गया है. 8×9 फीट के विशेष कलश से होने वाले इस अभिषेक के दौरान 51 ब्राह्मण ‘अति रुद्र पाठ’ करेंगे. साथ ही, महारुद्र यज्ञ में सवा लाख आहुतियां दी जाएंगी, जिससे पूरा वातावरण शिवमय हो जाएगा.

ये भी पढ़ें: चारधाम में मौसम का मिजाज बिगड़ने के आसार, गढ़वाल आयुक्त ने जारी की एडवायजरी

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

ब्रज की आध्यात्मिक विरासत और विकास पर केंद्रित: बरसाना में ‘ललिता कुंज’ टाउनशिप का शुभारंभ, सुनील शेट्टी ने की शिरकत

नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में बॉलीवुड अभिनेता ने ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक और…

1 hour ago

दिल्ली-NCR सहित कांपी उत्तर भारत की धरती, महसूस हुए भूकंप के झटके

दिल्ली-NCR और पूरे उत्तर भारत में रात 10:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए.…

1 hour ago

काशी में ‘पाकिस्तानेश्वर’ महादेव मंदिर का बदला नाम, सिंधी समाज के विरोध के बाद अब कहलाएंगे ‘सिंधु गंगेश्वर’

वाराणसी के छोटी शीतला घाट स्थित शिव मंदिर का नाम 'पाकिस्तानेश्वर' से बदलकर 'सिंधु गंगेश्वर…

2 hours ago

आसमान में तैनात होगा भारत का स्वदेशी ‘जासूस’, DRDO ने HAPS एयरशिप का किया कामयाब ट्रायल

DRDO ने 21 किमी की ऊंचाई पर 'हाई एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम' (HAPS) का सफल परीक्षण…

2 hours ago

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम केविन रुड बोले- वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति मजबूत, पीएम मोदी के हुए मुरीद

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम केविन रुड ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के मन में पीएम…

3 hours ago

योगी सरकार का सोलर कमाल: 2,942 मेगावाट पहुंची रूफटॉप क्षमता, ‘PM सूर्य घर योजना’ में उत्तर प्रदेश नंबर-1

उत्तर प्रदेश में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना' से 2,942 मेगावाट क्षमता के रूफटॉप सोलर लग…

3 hours ago