भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में आक्रामक और निडर क्रिकेट खेलते हुए 4-1 से शानदार जीत दर्ज की. इस जीत के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने स्पष्ट किया कि टीम आगे भी यही रवैया अपनाएगी. उनका लक्ष्य टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में नियमित रूप से 250 से अधिक रन बनाना है, भले ही इसके प्रयास में टीम को कुछ अवसरों पर हार का सामना भी करना पड़े.
भारत ने पुणे में खेले गए चौथे टी20 मैच में लगातार विकेट गंवाने के बावजूद अपना आक्रामक रवैया बरकरार रखा और 9 विकेट पर 181 रन बनाए. वहीं, मुंबई में हुए पांचवें टी20 में टीम ने 9 विकेट पर 247 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर अपनी रणनीति को साबित किया.
गौतम गंभीर ने कहा,
“हम टी20 क्रिकेट में इसी आक्रामक शैली से खेलना चाहते हैं. हमें हार से डर नहीं लगता. हमारी टीम ज्यादा जोखिम लेकर अधिक इनाम पाने वाली क्रिकेट खेलेगी, और खिलाड़ियों ने इसे अच्छे से अपना भी लिया है.”
भारतीय टीम के कोच ने कहा कि उनका उद्देश्य टी20 क्रिकेट में नियमित रूप से 250-260 रन तक पहुंचने का प्रयास करना है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कभी-कभी टीम 120-130 के स्कोर पर भी सिमट सकती है, लेकिन यही टी20 क्रिकेट की खूबसूरती है.
“जब तक आप जोखिम नहीं लेंगे, तब तक आपको बड़ा इनाम नहीं मिलेगा. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. हमारी टी20 टीम निडर और निःस्वार्थ क्रिकेट खेल रही है, और मुझे लगता है कि पिछले छह महीनों में खिलाड़ियों ने इसे साबित किया है.”
गंभीर ने अभिषेक शर्मा की 54 गेंदों में 135 रनों की धमाकेदार पारी का जिक्र करते हुए कहा कि टीम ऐसे खिलाड़ियों का समर्थन जारी रखेगी और उनमें धैर्य रखेगी. उन्होंने कहा,
“मैंने 140-150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले गेंदबाजों के खिलाफ इससे बेहतर टी20 शतक नहीं देखा है.”
इसके अलावा, गंभीर ने स्पिनर वरुण चक्रवर्ती की भी प्रशंसा की, जिन्होंने सीरीज में 14 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने कहा,
“आईपीएल से लेकर अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सफलता पाने के लिए चक्रवर्ती ने जो बदलाव किए, वे अद्भुत हैं. यह सीरीज उनके लिए बेंचमार्क थी, क्योंकि इंग्लैंड की टीम कुशल खिलाड़ियों से भरी हुई है.”
गंभीर ने जुलाई 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में कार्यभार संभाला था. उनके कोचिंग कार्यकाल में भारतीय टीम ने कुछ बड़ी जीत दर्ज कीं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में कई निराशाजनक प्रदर्शन भी देखने को मिले.
वनडे सीरीज: भारत 0-2 से हार गया. यह 27 साल बाद श्रीलंका के खिलाफ द्विपक्षीय वनडे सीरीज में भारत की पहली हार थी.
पहला टेस्ट (बेंगलुरु): भारत पहली पारी में सिर्फ 46 रन पर सिमट गया, जो घरेलू टेस्ट इतिहास में उसका सबसे कम स्कोर था. टीम को 8 विकेट से हार झेलनी पड़ी.
दूसरा टेस्ट (पुणे): भारत को 113 रन से हार मिली.
तीसरा टेस्ट (वानखेड़े): भारत 25 रन से हारा, और न्यूजीलैंड ने 3-0 से क्लीन स्वीप किया.
यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार था जब भारत को अपने घर पर क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा.
पहला टेस्ट (पर्थ): भारत ने 295 रनों से जीत दर्ज की.
बाकी तीन टेस्ट में हार मिली, और टीम को 1-3 से सीरीज गंवानी पड़ी.
भारत ने 4-1 से जीत दर्ज की, और 250+ स्कोर बनाने की रणनीति अपनाई.
-भारत एक्सप्रेस
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