खेल

साहिबजादा पर चला ICC का हंटर, भारत को ‘गन सिंबल’ दिखाना पड़ा महंगा

Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान के सुपर 4 मुकाबले के दौरान पाकिस्तान के खिलाड़ी साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ के ऑन-फील्ड जश्न पर विवाद खड़ा हो गया. भारत ने ICC के सामने इन दोनों के खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज की थी जिसमें उनके जेस्चर को उकसाने वाला और राजनीतिक रूप से संवेदनशील बताया गया था.

क्या है पूरा मामला?

फरहान ने 34 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद गन-जेस्चर किया जिससे कई लोगों ने पहलगाम हमले और ऑपेरशन सिंदूर के संकेत में आपत्तिजनक माना. हालांकि ICC की सुनवाई में फरहान ने सफाई दी कि उनका इरादा किसी भी राजनीतिक संदेश का नहीं था. उन्होंने कहा कि एमएस धोनी और विराट कोहली भी ऐसे जश्न कर चुके हैं और एक पठान के तौर पर उनके सांस्कृतिक उत्सव का ये हिस्सा है.

हारिस रऊफ ने क्या कहा?

हारिस रऊफ ने भी सुनवाई में खुद को निर्दोष बताया. उन्होंने विकेट लेने के बाद ‘6-0’ का इशारा किया और फाइटर जेट गिराने की नकल की थी. इसे भारत से जोड़कर देखा गया. रऊफ ने कहा कि ‘6-0’ का मतलब ही क्या है? इसे भारत से कैसे जोड़ा जा सकता है? वहीं ICC अधिकारियों ने भी माना कि इस इशारे का कोई ठोस अर्थ नहीं निकलता है.

इसे भी पढ़ें-एशिया कप फाइनल से पहले बैकफुट पर पाकिस्तान, हार के डर से किया इस टूर्नामेंट का बॉयकॉट

पाक खिलाड़ियों पर ICC का एक्शन

आईसीसी ने हारिस रऊफ पर उनके दुर्व्यवहार के लिए मैच फीस का 30 प्रतिशत जुर्माना लगाया है जबकि साहिबजादा फरहान को गन संकेत के प्रति उनके उत्साह के लिए चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है.

घटनाओं से क्या सिख मिलता है?

इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या खिलाड़ियों को अपने जश्न में संयम बरतना चाहिए और ऐसे इशारों से बचना चाहिए जो राजनीतिक या भावनात्मक रूप से संवेदनशील हो सकते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस

Pankaj kumar Pandey

मैं पंकज कुमार पाण्डेय हूं और मूल रूप से बिहार के पश्चिम चंपारण से आता हूं, जो सत्याग्रह की धरती है. मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई चंपारण में ही हुई है. इसके बाद मैंने महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की. अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा हूं. इस दौरान रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचार प्रस्तुति से जुड़े अहम पहलू सीखने को मिले. वर्तमान में मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं, जहां मेरी विशेष रुचि राजनीति, विदेश और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी खबरों में है. क्योंकि मेरा मानना है कि पत्रकारिता महज एक नौकरी नहीं बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी है.

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