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वसंत कुंज स्थित जमीन ट्रस्ट मामले में स्वामी चैतन्यानंद को पटियाला हाउस कोर्ट से झटका

पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की जमीन ट्रस्ट बनाकर हड़पने के मामले में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

एडिशनल सेशन जज ने फैसला रखा सुरक्षित

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्वामी पर लगे आरोप काफी गंभीर है, मामले में अभी जांच चल रही है. लिहाजा इस स्टेज पर अग्रिम जमानत संभव नही है. पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज हरदीप कौर ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की जमीन ट्रस्ट बनाकर हड़पने के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की थी.

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने स्वामी की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए खारिज करने की मांग किया था. पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि चैतन्यानंद के पास दो पासपोर्ट और दो पैन कार्ड है, जिनके जरिए फर्जीवाड़ा करके बैंक खाते भी खुलवाए गए.

पुलिस ने कहा था कि एफआईआर दर्ज होने के बाद 50 से 55 लाख रुपए भी खाते से निकाले गए. पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया था कि ये फर्जीवाड़ा करके खुद को प्रधानमंत्री की नेशनल एडवाइजरी कमेटी का सदस्य बताता था.

बिना जांच दर्ज करा दी एफआईआर- चैतन्यानंद

वहीं चैतन्यानंद की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ये सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ काम किया गया. 19 सितंबर को जब आश्रम से दिल्ली से बाहर गया तब सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ तीन एफआईआर कराई गई. बिना किसी जांच के एफआईआर दर्ज करा दी गई ताकि वापस ना आ सकें. चैतन्यानंद के वकील ने कहा था कि ये सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. 19 सितंबर को जब आश्रम से दिल्ली से बाहर गया. तब सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ तीन एफआईआर कराई गई.

वकील ने यह भी कहा था कि बिना किसी जांच के एफआईआर दर्ज करा दी गई ताकि वापस ना आ सकें. बाबा के खिलाफ लड़कियों से छेड़छाड़, लोगों से धोखाधड़ी, फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी रखने सहित कुल पांच मामले दर्ज है. वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2) यौन उत्पीड़न, 79 (शब्द, इशारा या किसी महिला की विनम्रता का अपमान करने का इरादा) और 351 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था.

चैतन्यानंद खुद को संत बताता है और लगभग 12 साल से आश्रम में रह रहा है. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं.

ये भी पढ़ें: गैंगेस्टर मामले में कथित आरोपी और पूर्व विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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