विंटर ओलंपिक 2026 का बिगुल बजा चुका है, जो इटली के मिलानो-कॉर्टिना में 6 से 22 फरवरी 2026 तक धूमधाम से आयोजित होंगे. इसमें 16 खेलों के 116 रोमांचक इवेंट्स शामिल हैं, जहां दुनिया के धुरंधर एथलीट बर्फ पर ताकत आजमाएंगे. लेकिन इस बार उत्साह के साथ-साथ एक बड़ा सवाल सबके मन में है कि क्या ग्लोबल वार्मिंग बर्फीले खेलों के भविष्य को निगल जाएगी?
बता दें कि फ्रेंच आल्प्स 2030 की तैयारियां भी इसी चिंता से जूझ रही हैं, जहां सस्टेनेबल प्लानिंग पर जोर दिया जा रहा है. यह ट्रेंडिंग टॉपिक न सिर्फ खेलप्रेमियों, बल्कि पर्यावरण चिंतकों को भी बांधे हुए है
दरअसल, हाल ही में हुए क्लाइमेट सेंट्रल के विश्लेषण से पता चला है कि 1956 में शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी करने के बाद से पिछले 70 वर्षों में कोर्टिना(Winter Olympics 2026 host country) का तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस (°C) बढ़ गया है. विश्लेषण में बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में वृद्धि होने से 1971 और 2019 के बीच कोर्टिना में फरवरी में बर्फ की औसत गहराई लगभग 15 सेंटीमीटर कम हो गई है.
साथ ही इस अध्ययन में यह भी बताया गया है कि पिछले 19 मेजबान शहरों में फरवरी का औसत तापमान 1950 और 2021 के बीच 2.7 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है. साथ ही इस विश्लेषण में दावा किया गया है कि 93 संभावित मेजबान शहरों में से केवल 52 शहरों में ही 2050 के दशक में विन्टर ओलंपिक की मेजबानी करने की कन्डिशन होंगी.
ग्लोबल वार्मिंग की बढ़ती टेंशन के बीच फिलहाल 2026 के आयोजन स्थल पर कोई बड़ा खतरा नहीं है. बता दें कि मिलानो कोर्टिना के आसपास बर्फ की स्थिति में शुरुआती मौसम की चिंताओं के बाद सुधार हो रहा है. हाल ही में हुई ठंड और ताज़ा बर्फबारी ने लिविग्नो और कोर्टिना डी’एम्पेज़ो जैसे अधिक ऊंचाई वाले प्रतियोगिता स्थलों पर बर्फ की मात्रा बढ़ा दी है, जिससे गर्म मौसम को लेकर चिंताएं कम हो गई हैं.
वहीं आयोजकों ने विश्वसनीय सतह सुनिश्चित करने के लिए आर्टिफिशियल स्नो प्रोडक्शन और स्टोर स्नो रिजर्व पर भी काफी भरोसा किया है. अधिकारियों का कहना है कि तैयारियां अब पटरी पर लौट आई हैं, स्की ढलानें खुल गई हैं और परीक्षण जारी हैं.
दरअसल, फ्रेंच आल्प्स को 2030 विंटर ओलंपिक का मेजबान चुना गया है, जो फ्रांस के हौते-सावोई, सावोई, ब्रायनकॉन और नीस क्षेत्रों में फैला होगा. इस समय यह चर्चा में इसलिए है क्योंकि जलवायु परिवर्तन के कारण बर्फ की कमी एक बड़ा खतरा बन गया है, और IOC ने मौजूदा वेन्यूज पर निर्भर रहने या रोटेशन की योजना बनाई है. हालिया समाचारों में स्पोर्ट्स प्रोग्राम पर फैसले टलने और विरोध प्रदर्शनों की खबरें चर्चा में हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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