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ऑनलाइन शॉपिंग में हो रहा बड़ा खेल! इन 9 बड़े ऐप्स पर सरकार ने ठोका तगड़ा जुर्माना

CCPA Action: कभी ऐसा हुआ है कि आप ऑनलाइन कोई सामान मंगाने बैठे हों स्क्रीन पर जो दाम दिखे वो एकदम सही लगें लेकिन जैसे ही पेमेंट करने जाओ… बिल का मीटर अचानक ही ऊपर चला जाए? कभी हैंडलिंग फीस जुड़ जाती है, तो कभी कोई मेंबरशिप चुपचाप बिल में घुस आती है. डोनेशन के नाम पर पहले से ही बॉक्स टिक रहता है और हमें पता भी नहीं चलता. शुरुआत में ये चवन्नी-अटन्नी जैसे लगने वाले चार्जेस छोटे लगते हैं लेकिन जरा सोचिए कि महीने भर में ऐसे दर्जनों ट्रांजैक्शन पर आप कितना फालतू पैसा चुका देते हैं.

अब सरकार इन चालाक डिजिटल कंपनियों पर शिकंजा कसने के पूरी तरह मूड में आ चुकी है. सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने ऐसे ही ‘डार्क पैटर्न’ यानी छलावा करने वाले ऐप डिजाइन इस्तेमाल करने के लिए 9 बड़े प्लेटफॉर्म्स पर तगड़ा जुर्माना ठोका है.

बड़े-बड़े नामों के अजीब खेल

इस लिस्ट में कुछ ऐसे जाने-पहचाने नाम शामिल हैं जिन्हें हम रोजमर्रा की जिंदगी में इस्तेमाल करते हैं.

Zepto: ऑनलाइन तुरंत सामान पहुंचाने वाले इस ऐप पर सीसीपीए ने पाया कि ग्राहकों को शुरू में कुछ और दाम दिखाए जाते थे और पेमेंट के वक्त हैंडलिंग चार्ज व मेंबरशिप फीस थोप दी जाती थी. इसे ‘ड्रिप प्राइसिंग’ और ‘बास्केट स्नीकिंग’ कहा गया. जेप्टो पर 7 लाख रुपये का जुर्माना लगा जिसके बाद कंपनी ने इस चालाकी को बंद कर दिया है.

BookMyShow: मूवी टिकट बुक करते वक्त ‘BookASmile’ के नाम पर 1 रुपये का डोनेशन पहले से ही टिक किया हुआ मिलता था. रकम भले ही एक रुपया थी लेकिन बिना पूछे टिक होना ग्राहकों की जेब पर डाका डालने जैसा ही है.

IndiGo: एयरलाइन के ऐप पर बुकिंग करते वक्त अगर कोई शख्स एक्स्ट्रा सर्विस न चुनना चाहे तो वहां एक मैसेज आता था “नहीं, मैं रिस्क लूंगा.” इसे ‘कन्फर्म शेमिंग’ माना गया यानी ग्राहक को जानबूझकर गिल्टी महसूस कराना. रेगुलेटर की फटकार के बाद इसे बदलकर अब न्यूट्रल कर दिया गया है.

Physics Wallah: इस एजुकेशन प्लेटफॉर्म पर भी PW फाउंडेशन के नाम पर 10 रुपये का डोनेशन चुपचाप जुड़ा रहता था और इमोशनल मैसेज दिखाकर उसे हटाने नहीं दिया जाता था. इस पर 5 लाख का जुर्माना लगा.

ये भी पढ़ें- पीएम मोदी वीडियो विवाद के बीच Meta को बड़ा झटका, कोर्ट ने लगाया ₹5,000 करोड़ का जुर्माना

20 लाख का जुर्माना

सिर्फ यही नहीं बल्कि FirstCry, PharmEasy, McAfee, SpiceJet और Anuj Jindal जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भी 1 से 3 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है. ये कंपनियां छिपे हुए चार्ज फर्जी काउंटडाउन टाइमर और सब्सक्रिप्शन ट्रैप जैसे तरीकों से ग्राहकों को बेवकूफ बना रही थीं.

सरकार ने साफ कर दिया है कि साल 2023 के डार्क पैटर्न नियमों के तहत अब तक कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है.

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-भारत एक्सप्रेस

Radha Priya

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