Silver Gold Rate Fall today: ग्लोबल मार्केट से आए खराब संकेतों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार को MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में सुनामी जैसी गिरावट देखी गई. दोपहर के सत्र में चांदी की कीमतें अचानक 5 फीसदी से ज्यादा गोता लगा गईं, जिससे प्रति किलो भाव में लगभग 12,000 रुपये की भारी कमी आई.
फिलहाल चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलो (silver price today) के करीब संघर्ष कर रही है. वहीं सोने ने भी निवेशकों को तगड़ा झटका देते हुए करीब 4,500 रुपये प्रति 10 ग्राम (gold rate today 22k) नीचे फिसल गया. बाजार के जानकारों का मानना है कि पिछले दो साल से जारी एकतरफा तेजी के बाद अब एक बड़ा करेक्शन देखने को मिल रहा है.
कीमतों में इस अचानक गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण (why Silver Gold Rate Fall) मिडिल ईस्ट का गहराता संकट एक बड़ी वजह माना जा रहा है. अमेरिका द्वारा ईरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने कतर स्थित बड़े ऑयल रिफाइनरी प्लांट को निशाना बनाया है, जिससे भारी नुकसान की खबरें हैं. इस तनाव के कारण क्रूड ऑइल की कीमतें आसमान छूते हुए 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं.
जिसको लेकर आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब युद्ध ऊर्जा संसाधनों को निशाना बनाने लगे, तो बाजार में अनिश्चितता बढ़ जाती है. निवेशक अब सुरक्षित निवेश के बजाय लिक्विडिटी यानी कैश बचाने की होड़ में हैं, जिसका असर सोने-चांदी की बिकवाली के रूप में दिख रहा है.
सर्राफा बाजार की इस पिटाई का दूसरा और सबसे तकनीकी कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ताजा फैसला है. बुधवार को फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का ऐलान किया और संकेत दिए कि फिलहाल दरों में कटौती की कोई जल्दबाजी नहीं है. फेडरल रिजर्व के इस सख्त रुख (Hawkish Stance) के कारण डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है. आम तौर पर जब डॉलर मजबूत होता है और ब्याज दरें ऊंची रहने के संकेत मिलते हैं, तो सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों की चमक फीकी पड़ने लगती है.
बाजार के आंकड़ों पर गौर करें तो चांदी ने इसी साल 29 जनवरी 2026 को 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का रिकॉर्ड स्तर छुआ था. वहां से अब तक कीमतें लगभग आधी रह गई हैं. बाजार की स्तिथि पर विश्लेषकों का कहना है कि ऊंचे स्तरों पर बड़े फंड हाउस और ट्रेडर्स जमकर मुनाफावसूली (Profit Booking) कर रहे हैं. 2 फरवरी को भी चांदी 2.25 लाख तक गिरी थी, लेकिन आज की गिरावट इसलिए डराने वाली है क्योंकि यह मिडिल ईस्ट के युद्ध और अमेरिकी आर्थिक नीतियों के एक साथ टकराने का नतीजा है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तनाव और बढ़ा तो आने वाले दिनों में कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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