Pakistan energy crisis: पाकिस्तान में पेट्रोलियम भंडार बेहद सीमित हो गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक देश के पास कच्चे तेल का स्टॉक केवल 11 दिन के लिए बचा है. इसके अलावा डीज़ल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, एलपीजी 9 दिन और जेट ईंधन 14 दिन तक ही उपलब्ध है.
मध्य-पूर्व संघर्ष का असर
करीब 70% पेट्रोलियम आयात पाकिस्तान को मध्य-पूर्व से मिलता है. मौजूदा संघर्ष ने शिपिंग रूट और सप्लाई चेन को प्रभावित कर दिया है. इसी वजह से डिलीवरी का समय भी बढ़ गया है. पहले जहां रेड सी के रास्ते माल 4-5 दिन में पहुंचता था, अब इसमें लगभग 12 दिन लग रहे हैं.
ईरान से बातचीत
पाकिस्तान सरकार ईरान से तेल खेप को स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ के जरिए भेजने की अनुमति लेने की कोशिश कर रही है. अगर मंजूरी मिलती है तो चार जहाजों के जरिए कच्चा तेल लाया जा सकेगा.
गैस संकट की आशंका
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि 14 अप्रैल के बाद देश में गैस की भारी कमी हो सकती है. मार्च में तय आठ एलएनजी कार्गो में से केवल दो ही पहुंचे, और अप्रैल की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है.
कीमतों में बढ़ोतरी
वैश्विक तेल कीमतों में उछाल का सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है. हाई-स्पीड डीज़ल और पेट्रोल की दरें तेजी से बढ़ी हैं.
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राहत और निगरानी
सरकार ने 23 अरब रुपये की सब्सिडी देने का फैसला किया है, जिससे करीब 3 करोड़ मोटरसाइकिल और रिक्शा मालिकों को राहत मिलेगी. साथ ही पेट्रोलियम स्टॉक्स की रोजाना समीक्षा की जा रही है ताकि हालात पर नजर रखी जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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