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कागज के नोटों का दौर होगा खत्म? जानिए 200-500 के प्लास्टिक करेंसी की सुगबुगाहट के बीच कैसे बदल जाएगा ATM का सिस्टम

 RBI Plastic Currency: देश में एक बार फिर करेंसी नोटों को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है. ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटिश मुद्रा की तर्ज पर अब भारत में भी 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक (पॉलीमर) नोट आने की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक नोट ले लेते हैं, तो हमारे आसपास मौजूद ATM मशीनों पर इसका क्या असर पड़ेगा? क्या इसके लिए पुरानी मशीनों को बदलकर नई मशीनें लगानी होंगी? आइए समझते हैं RBI की तैयारी और इसका पूरा गणित.

प्लास्टिक करेंसी (पॉलीमर नोट) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह साफ है कि अगर भारत में 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोट आते हैं, तो बैंकों को ATM मशीनें बदलने की जरूरत नहीं होगी. सिर्फ सॉफ्टवेयर अपडेट और सेंसर कैलिब्रेशन के जरिए मौजूदा ATM से ही प्लास्टिक नोट निकाले जा सकेंगे. ये नोट ज्यादा टिकाऊ, वाटरप्रूफ और पूरी तरह सुरक्षित होते हैं. हालांकि, RBI ने अभी तक इसे लागू करने की आधिकारिक घोषणा या तारीख तय नहीं की है.

क्या प्लास्टिक नोट आने पर बदलने पड़ेंगे ATM?

बैंकिंग विशेषज्ञों और तकनीकी जानकारों के अनुसार, प्लास्टिक नोट आने की स्थिति में बैंकों को अपनी पुरानी ATM मशीनों को फेंककर नई मशीनें लगाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी. इसके लिए मौजूदा ATM मशीनों में ही कुछ तकनीकी बदलाव किए जाएंगे.

मशीनों के अंदर मौजूद ‘कैश कैसट’ (नोट रखने वाली ट्रे) और ‘नोट डिटेक्शन सेंसर’ को नए पॉलीमर नोटों के आकार, मोटाई और बनावट के हिसाब से री-कैलिब्रेट (Calibrate) किया जाएगा. इसके साथ ही ATM के सॉफ्टवेयर को भी अपडेट किया जाएगा, जिससे मशीन असली और नकली प्लास्टिक नोट में सही फर्क पहचान सके. आम ग्राहकों के लिए ATM से पैसे निकालने की प्रक्रिया में कोई अंतर नहीं आएगा.

कागज के मुकाबले कितने बेहतर हैं प्लास्टिक नोट?

प्लास्टिक यानी पॉलीमर नोटों के कई बड़े फायदे हैं, जिनकी वजह से दुनिया के कई प्रमुख देश इन्हें अपना चुके हैं:

  • लंबी उम्र: ये नोट कागज के नोटों की तुलना में 3 से 4 गुना ज्यादा समय तक चलते हैं और आसानी से फटते नहीं हैं.
  • वाटरप्रूफ और साफ-सुथरे: पानी या पसीने से खराब न होना इनकी सबसे बड़ी खासियत है. साथ ही इन पर धूल और गंदगी भी नहीं जमती.
  • नकली नोटों पर लगाम: पॉलीमर मटेरियल में आधुनिक सिक्योरिटी फीचर्स और ट्रांसपेरेंट विंडो जैसी चीजें जोड़ना आसान होता है, जिससे इनकी नकल (Fake Currency) बनाना नामुमकिन सा हो जाता है.

ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, ब्रिटेन और सिंगापुर जैसे देशों में पॉलीमर नोट पहले से ही सफलतापूर्वक इस्तेमाल में लाए जा रहे हैं.

आम जनता पर क्या पड़ेगा असर और क्या है RBI का रुख?

यदि भविष्य में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) 200 और 500 के प्लास्टिक नोट जारी भी करता है, तो आम नागरिकों को लेन-देन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. ये नोट दुकानों, बैंकों, डिजिटल वेंडिंग मशीनों और ATM में सामान्य नोटों की तरह ही स्वीकार किए जाएंगे. बदलाव के दौरान RBI और कमर्शियल बैंक लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएंगे.

हालांकि, वर्तमान स्थिति में RBI ने 200 या 500 रुपये के प्लास्टिक नोट जारी करने की किसी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की है. फिलहाल बाजार में पहले की तरह ही कागजी नोटों का चलन जारी रहेगा.

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-भारत एक्सप्रेस

Shubhra Rai

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