उत्तर प्रदेश

‘..वरना अयोध्या मत आना’, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के लिए ‘No Entry’! किसने कहा- जवाब देना होगा

Ayodhya News: राम मंदिर निर्माण के बाद शांत दिख रही अयोध्या की फिजाओं में एक बार फिर संतों के बीच आपसी कलह की गर्मी महसूस की जा रही है. तपस्वी छावनी पीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य (Jagadguru Paramhans Acharya) ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Swami Avimukteshwaranand) के अयोध्या प्रवेश को लेकर मोर्चा खोल दिया है. परमहंस आचार्य ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक अविमुक्तेश्वरानंद अपने विवादित बयानों के लिए सार्वजनिक माफी नहीं मांगते, उन्हें अयोध्या में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.

जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के हालिया बयानों पर कड़ा ऐतराज जताया है. उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि “सार्वजनिक माफी और स्पष्टीकरण” के बिना अयोध्या में उनकी एंट्री पर सहमति नहीं बनेगी. परमहंस का कहना है कि शंकराचार्य के कुछ वाक्यों ने न केवल संतों की मर्यादा को तार-तार किया है, बल्कि आम जनमानस की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी चोट पहुंचाई है.

‘गोमाता पर राजनीति स्वीकार नहीं’

इस विवाद की जड़ में ‘गोवंश संरक्षण’ (Cow Protection) और राजनीति है. परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य गोवंश जैसे संवेदनशील और धार्मिक विषय का इस्तेमाल “राजनीतिक मंच” के रूप में कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि गोमाता के संरक्षण के लिए केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस कानून की जरूरत है. इस मुद्दे पर राजनीति करके संतों की गरिमा गिराना उचित नहीं है.

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दो फाड़ हुआ संत समाज

इस अल्टीमेटम के बाद अयोध्या के संत समाज में खलबली मच गई है. मामला अब धार्मिक के साथ-साथ राजनीतिक रंग भी ले रहा है. कुछ संत इसे “विचारों की स्वतंत्रता” बता रहे हैं. वहीं, एक बड़ा धड़ा इसे “मर्यादा का उल्लंघन” मानकर परमहंस आचार्य के समर्थन में दिख रहा है. फिलहाल, यह विवाद थमता नहीं दिख रहा है और शंकराचार्य के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं.

Shyamdatt Chaturvedi

श्यामदत्त चतुर्वेदी एक अनुभवी मीडिया पेशेवर हैं. वर्तमान में नोएडा 'भारत एक्सप्रेस' में पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सात वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामदत्त ने हिंदी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट राइटिंग, रिपोर्टिंग, एडिटिंग और डेटा एनालिसिस में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है. इससे पहले उन्होंने जी न्यूज, ईटीवी भारत, टीएफआई मीडिया, वे2न्यूज और सैफायर मीडिया लिमिटेड (इंडिया डेली लाइव) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं. उन्होंने स्थानीय पंचायत से लेकर विधानसभा, लोकसभा तक की व्यापक कवरेज की. उन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक से पत्रकारिता और जनसंचार में स्नातक (BJMC) करने के बाद, प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर डिग्री (M.A.) हासिल की है.

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