उत्तर प्रदेश

बुलडोजर से रौंदा जाएगा मौलाना का ‘रसूख’, बरेली में मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर शुरू हुई कार्रवाई

Bareilly Protest Maulana Tauqeer Raza: उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘आई लव मोहम्मद’ (I Love Muhammad) को लेकर हुए हिंसक प्रदर्शन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. अबतक इस मामले में 56 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. उत्तर प्रदेश पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी तौकीर रजा सहित 8 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी. अब उनके खास करीबी लोगों के खिलाफ भी अपना अभियान तेज कर दिया है.

पुलिस, बरेली में हुए हिंसक प्रदर्शन और पथराव मामले में मौलाना तौकीर रजा के खास करीबी नदीम और नफीस खान के अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर की कार्रवाई करने जा रही है. उपद्रव के आरोपी नफीस के चाचा ओमान रजा की संपत्तियों को पुलिस पहले ही बुलडोजर से जमींदोज कर चुकी है. बताया जा रहा है कि ये सारी संपत्तियां मौलाना तौकीर रजा से ही जुड़ी हुई हैं.

मौलाना तौकीर का रिश्तेदार है ओमान रजा

ओमान रजा तौकीर के रिश्तेदार हैं. यूपी पुलिस ने ओमान रजा के एक बारात घर को सील कर दिया है. वहीं बरेली के कई इलाकों में मौजूद संपत्तियों पर भी पुलिस एक साथ सीलिंग ऑपरेशन चला रही है.

बुलडोजर से रौंदा जाएगा मौलाना का आर्थिक साम्राज्य

बरेली हिंसा के आरोपियों के अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए यूपी पुलिस ने बुलडोजर मंगाए हैं. जानकारी के मुताबिक ओमान रजा के दो मंजिला कॉम्प्लेक्स और शराफत खां का बारातघर भी पुलिस ने सीज कर दिया है. शराफत खां को भी तौकीर रजा का करीबी बताया जाता है.

पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा से जुड़ी कई अन्य संपत्तियों को भी सील कर दिया है. इसके अलावा उनके करीबियों के 5 संपत्तियों को भी चिन्हित किया है. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नदीम कान के हमसफर बारात घर पर भी सीलिंग की कार्रवाई की है.

बरेली मुख्य बाजार में भी गरजेगा बुलडोजर

मुख्य बाजार में मौलाना तौकीर रजा के खास सहयोगी माने जाने वाले डॉ. नफीस और तौफीक की करोड़ों की अवैध संपत्तियों पर पुलिस जल्द ही बुलडोजर चलाने वाली है. बरेली मुख्य बाजार में दोनों के 40 से ज्यादा अवैध दुकानें हैं. जिन्हें पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच सील कर दिया. बताया जाता है कि मौलाना तौकीर रजा के गुर्गों ने धार्मिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए ये अरबों का अवैध साम्राज्य खड़ा किया था.

सिविल लाइंस में 70 अवैध दुकानें

बरेली हिंसा के मास्टरमाइंड माने जा रहे मौलाना तौकीर रजा के रसूख का अंदाजा सिर्फ इससे लगाया जा सकता है कि बरेली के सबसे पॉश इलाके में शामिल सिविल लाइंस में उनके सहयोगियों ने कई अवैध दुकानें बना ली थीं. तौकीर रजा के खास सहयोगी के रूप में पहचाने जाने वाले डॉ. तौसीफ ने मजार की आड़ में 70 से ज्यादा अवैध दुकानें बनाई थी. जिससे हर महीने लाखों रुपये किराया आता था.

सोमवार को पुलिस के साथ नगर निगम की टीम इन दुकानों को सील करने पहुंची. इस दौरान पुलिस और नगर निगम की टीम ने जो देखा वो दंग करने वाला था. दरअसल इन दुकानों पर पोस्टर चिपका हुआ था, जिसपर लिखा था, इन संपत्तियों का किसी भी राजनीतिक या व्यक्ति से कोई लेना-देना नहीं है. ये संपत्तियां वक्फ बोर्ड की हैं. जिसका मुकदमा हाईकोर्ट में चल रहा है. हालांकि नगर निगम को इससे कोई फर्क नहीं पड़ा. अब दुकानों को सील करके इसपर बुलडोजर की कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है.

तमंजा बरामदगी और मौलाना से संबंध

बरेली हिंसा के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है. इसी दौरान जब पुलिस मौलाना नदीम खान के यहां पहुंची तो उसके पास से एक तमंचा मिला था.

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नदीम खान पर भीड़ जुटाने का है आरोप

नदीम खान को मौलाना का दायां हाथ माना जाता है. यह वहीं शख्स है जिसपर जुमे की नमाज के बाद भीड़ जुटाने का आरोप लगा है. पुलिस के मुताबिक नदीम खान भीड़ को व्हॉट्सऐप के जरिये मौके पर जुटाया था. नदीम खान का इलाके में काफी रसूख है. वह इलाके के सबसे दबंग लोगों में से एक है. इसके एक इशारे पर हजारों की भीड़ जुट जाती है. जुमे वाले दिन भी नदीम ने अपने इसी रसूख का फायदा उठाकर भीड़ जुटाई और हिंसा कराने की कोशिश की.

हालांकि पुलिस ने नदीम खान सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उसकी परेड कराई थी. अब उसके अरबों के अवैध आर्थिक साम्राज्य पर बुलडोजर की कार्रवाई करने जा रही है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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