लखनऊ पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल का रिहर्सल किया गया.
गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश के 244 जिलों में होने वाली सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल (Mock Drill) को लेकर आज लखनऊ में रिहर्सल किया गया. पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस ने मॉक ड्रिल का अभ्यास किया. इस रिहर्सल में पुलिस और स्थानीय प्रशासन के लोग शामिल हुए. मॉक ड्रिल अभ्यास में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि “कल राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी. सिविल डिफेंस, पुलिस और स्थानीय प्रशासन आज इसकी तैयारी कर रहे हैं.”
सिविल डिफेंस के चीफ वार्डन अमरनाथ मिश्रा ने बताया, “हम एक अनुशासित टीम हैं. हमें पता है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है. हम स्पष्ट रूप से बताएंगे कि बम का खतरा होने पर क्या करना है. हम लोगों को जागरूक कर रहे हैं – कोई कैसे खुले में शरण ले सकता है, और अगर आप घर में हैं, तो आपको किस कोने में शरण लेनी चाहिए? ब्लैकआउट की घोषणा होने पर हम सायरन भी बजाएंगे. हमें अपने घर पर मशालें जलाकर रखनी चाहिए.”
इससे पहले दिन में, सिविल डिफेंस ने शहर में हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा के तरीकों पर अपने सभी कर्मचारियों के साथ बैठक की. इसके साथ ही सभी को जनता की सुरक्षा के बारे में दिशा-निर्देश भी दिए गए.
सिविल डिफेंस के लोगों को अचानक हमले के दौरान नागरिकों द्वारा की जाने वाली गतिविधियों के बारे में भी जागरूक किया गया – कम से कम नुकसान सुनिश्चित करने के लिए उन्हें क्या सावधानियां बरतनी चाहिए. आपदा के दौरान भीड़ को कैसे प्रबंधित किया जाए, इसकी जानकारी भी दी गई.
इस बीच, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने राज्य के जिलों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जनता के साथ समन्वय में मॉक ड्रिल (Mock Drill) आयोजित करने का निर्देश दिया है. जिला अधिकारियों को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश भी दिए गए हैं. डीजीपी कुमार ने पत्रकारों से कहा, ”
सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल (Mock Drill) के संबंध में भारत सरकार से निर्देश मिले हैं . वहां से 19 जिलों की पहचान की गई है. इनमें से एक ए श्रेणी में है, दो सी श्रेणी में हैं और बाकी सभी बी श्रेणी में हैं. हालांकि, जगह की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि यह मॉक ड्रिल सभी जिलों में हमारे सभी विभागों – चाहे वह पुलिस हो, अग्निशमन हो, नागरिक प्रशासन हो या आपदा विभाग – के सहयोग से आयोजित की जाए, ताकि हम किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपट सकें.”
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कई राज्यों से प्रभावी नागरिक सुरक्षा के लिए 7 मई को मॉक ड्रिल करने को कहा है . किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन और शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षण देना शामिल है. उपायों में क्रैश ब्लैकआउट उपायों का प्रावधान, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को जल्दी से छिपाने का प्रावधान और निकासी योजना को अद्यतन करना और उसका पूर्वाभ्यास करना भी शामिल है.
-भारत एक्सप्रेस
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