Divya Mittal UP Election Plan: सफेद कॉलर वाली नौकरशाही और लाल बत्ती का रुतबा छोड़कर जब कोई अधिकारी सीधे जनता की धूल भरी पगडंडियों पर उतरता है तो सियासत के गलियारों में हलचल होना तय है. उत्तर प्रदेश की चर्चित पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब अपने सियासी पत्ते पूरी तरह खोल दिए हैं. मिर्जापुर के चुनार की धरती पर कदम रखते ही उन्होंने ऐसा सियासी दांव चला है, जिसने सूबे के उनकी चर्चा होने लगी है.
दिव्या मित्तल ने स्पष्ट ऐलान कर दिया है कि उनकी नवगठित पार्टी ‘जननीति भारत’ (Janniti Bharat Party Divya Mittal) 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ताल ठोकेगी. उन्होंने कहा कि जहां-जहां मजबूत और ईमानदार प्रत्याशी मिलेंगे, वहां पार्टी चुनाव लड़ेगी और तैयारी प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने की है.
मिर्जापुर का चुनार (बालूघाट), जहां वे पूर्व में बतौर जिलाधिकारी (DM) अपनी विशिष्ट कार्यशैली के लिए जानी जाती रही हैं. बालूघाट पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले महाराज गुहराज निषाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और सामाजिक समरसता का संदेश दिया. उन्होंने घोषणा की कि चुनार विधानसभा सीट से ‘जननीति भारत’ का प्रत्याशी चुनावी मैदान में जरूर उतरेगा.
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पार्टी प्रदेश भर के उन सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी उतारेगी जहां उसे जनसेवा के लिए समर्पित और मजबूत उम्मीदवार मिलेंगे. नीतियां जाति, धर्म या पहचान के आधार पर नहीं, बल्कि आमजन, छोटे व्यापारियों और किसानों की जमीनी वास्तविकताओं के आधार पर तय होंगी.
चुनार के जनसंवाद में दिव्या मित्तल के तेवर पूरी तरह बदले हुए नजर आए. उन्होंने (Ex DM Mirzapur Divya Mittal politics) जनता से मुखातिब होते हुए कहा कि चुनार के लोगों ने उन्हें पहले एक जिलाधिकारी के तौर पर देखा था, लेकिन अब वे सब कुछ छोड़कर एक जनसेवक और राजनीतिज्ञ के रूप में उनके बीच आई हैं. उन्होंने कहा कि-
पारंपरिक राजनीति केवल सत्ता हासिल करने और लोगों पर राज करने की प्रवृत्ति पर चलती है, जबकि हमारी ‘जननीति’ का लक्ष्य जन-जन की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करना है. जब तक हर व्यक्ति की बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक न्याय और समरसता की बात अधूरी है.
फाइलों के अंबार और कड़े प्रशासनिक दायरों से निकलकर सीधे चुनावी रणभूमि में उतरना आसान नहीं होता, लेकिन दिव्या मित्तल का यह कदम साबित करता है कि उनका इरादा केवल प्रतीकात्मक मौजूदगी दर्ज कराने का नहीं है.
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403 सीटों का लक्ष्य रखकर उन्होंने साफ कर दिया है कि ‘जननीति भारत’ उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में एक बड़े विकल्प के रूप में उभरने की पूरी तैयारी में है. अब देखना यह होगा कि नौकरशाही में बदलाव लाने वाली उनकी यह कार्यशैली सियासत के अखाड़े में जनता का कितना विश्वास जीत पाती है. Divya Mittal, Divya Mittal IAS, Janniti Bharat Party, Divya Mittal UP Election 2027, Divya Mittal Chunar, Divya Mittal 403 Seats, UP Assembly Election 2027, दिव्या मित्तल, जननीति भारत पार्टी, दिव्या मित्तल यूपी चुनाव 2027
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