उत्तर प्रदेश

लोकबंधु चिकित्सालय में आग की घटना के बाद जांच कमेटी ने दी सिफारिशें, डिप्टी सीएम ने दिए सभी अस्पतालों में लागू करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश के लोकबंधु राजनारायण संयुक्त चिकित्सालय में आग लगने की घटना के बाद हुई जांच में कमेटी की ओर से कई सिफारिशें प्रस्तुत की गई हैं. इस घटना की जांच के लिए डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की अध्यक्षता में एक पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था. समिति ने अपनी रिपोर्ट में आग से सुरक्षा को लेकर कई अहम सिफारिशें प्रस्तुत की हैं, जिन्हें प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू करने के निर्देश दिए गए हैं.

जांच समिति ने सुझाव दिया है कि सभी अस्पतालों में अग्निशमन प्रणाली यानी फायर फाइटिंग सिस्टम मानकों के अनुरूप स्थापित की जाए. अस्पताल भवनों में धुएं की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था हो, स्टेयर केस और रैम्प को हमेशा अवरोध मुक्त रखा जाए और इन्हें चैनल गेट या किसी अन्य ढांचे से बंद न किया जाए. इसके अलावा, ओपन एरिया को फाइबर शीट, टिन शेड या अन्य किसी अस्थायी संरचना से ढकने की बजाय खुला रखा जाए ताकि प्राकृतिक वेंटिलेशन बना रहे.

जांच समिति की प्रमुख सिफारिशें

समिति की रिपोर्ट में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि सभी अस्पतालों में समय-समय पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल कराई जाए. इन अभ्यासों में अस्पताल के समस्त स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जाए, मरीजों की सुरक्षित निकासी का अभ्यास कराया जाए और अग्निशमन व्यवस्था की तैयारी का मूल्यांकन किया जाए. साथ ही, अस्पताल परिसर में फायर अलार्म, स्मोक और हीट डिटेक्टर्स की स्थापना की जाए तथा सभी जगहों पर एग्जिट साइन बोर्ड लगाए जाएं ताकि आपातकालीन स्थितियों में मार्गदर्शन मिल सके.

बिजली आपूर्ति से जुड़ी सुरक्षा को भी रिपोर्ट में गंभीरता से लिया गया है. सिफारिशों के अनुसार, बिजली लाइन बिछाने में सावधानी बरती जाए, प्रत्येक सर्किट का लोड संतुलित हो, बिजली के दो स्रोत सुनिश्चित किए जाएं और वायरिंग में किसी भी प्रकार के असुरक्षित जोड़ न हों.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. उन्होंने प्रमुख सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच समिति की सिफारिशों का पालन सभी चिकित्सा संस्थानों में अनिवार्य रूप से कराया जाए. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी अस्पताल में भविष्य में ऐसी कोई दुर्घटना न हो और सभी मरीज, तीमारदार और स्टाफ सुरक्षित रहें.

ये भी पढ़ें- जब बेटियाँ पूछने लगीं सवाल, तब योगी सरकार ने दिया ‘मिशन समाधान’

-भारत एक्सप्रेस

Vikas Shukla

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