रिपोर्ट-रवि कुमार
KGMU campus mazar illegal encroachment: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) कैंपस में एक बार फिर अवैध कब्जे की घटना सामने आई है. दरअसल नेत्र रोग विभाग के पीछे स्थित मजार के चारों तरफ होली की छुट्टी के दौरान अज्ञात लोगों ने जबरन बल्लियां लगा दी हैं. गुरुवार को जब KGMU खुला तो यह अवैध कब्जा दिखा, जिससे प्रशासन सकते में आ गया. आनन-फानन में कार्यवाहक प्रॉक्टर डॉ. रीमा कुमारी ने चौक थाना प्रभारी को पत्र लिखकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.
दरअसल KGMU के गेट नंबर-1 के पास नेत्र विभाग के पीछे एक मजार है. इस मजार के चारों तरफ पहले भी अवैध कब्जा कर लिया था. जिसमें दर्जनों की संख्या में अवैध दुकानें संचालित हो रही थीं. कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस प्रशासन ने मजार को छोड़कर बाकी स्थान से अतिक्रमण हटाया गया था. लेकिन अब पांच मार्च को कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने मजार के चारों ओर फिर से बांस और बल्लियां लगा कर बैरिकेडिंग कर दी. प्रशासन का कहना है कि यह न्यायालय के आदेश की मंशा के विपरीत है. इससे दोबारा अतिक्रमण की स्थिति बन रही है और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है.
अवैध बैरिकेडिंग की खबर मिलते ही KGMU प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई. हालांकि इस दौरान वहां कोई भी नजर नहीं आया. फिर कार्यवाहक प्रॉक्टर डॉ. रीमा कुमारी ने चौक थाना प्रभारी को पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया और अवैध बैरिकेडिंग हटाने की मांग की. पत्र की प्रतिलिपि कुलसचिव, जनरल सर्जरी विभाग के नोडल अधिकारी, पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई. वहीं मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है कि अवैध बैरिकेडिंग के कारण मजार के आस-पास अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो रही है.
KGMU प्रशासन ने कहा है कि यह घटना न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है. अवैध कब्जे से कैंपस में अव्यवस्था फैल रही है. प्रशासन ने चौक पुलिस से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की है. स्थानीय लोगों और छात्रों ने भी इस तरह के कब्जे को लेकर नाराजगी जताई है. वे कह रहे हैं कि कैंपस में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेलों में महिला 4x400m रिले टीम (किरण, पूवम्मा, प्राची और…
पूर्वांचल की राजनीति में ओम प्रकाश राजभर एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपनी उप-जाति की…
पंडित दीनदयाल उपाध्याय न सांसद बने न विधायक, लेकिन सिद्धांतों और मूल्यों की राजनीति के…
Delhi GRAP New Rules: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को लेकर CAQM ने 29 सितंबर 2026…
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में मुख्य न्यायाधीश…
बिहार में वामपंथ सिर्फ एक चुनावी ताकत नहीं है, बल्कि यह जमीन, मजदूरी और सम्मान…