Rajasthan News: राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी मंदिर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दो हथियारबंद ‘आतंकवादी’ मंदिर कमेटी के दफ्तर में घुस गए. उन्होंने वहां मौजूद एक सुरक्षा गार्ड को बंधक बना लिया और पूरे परिसर में डर का माहौल पैदा हो गया. दर्शन के लिए आए भक्त भी एक पल के लिए सहम गए. लेकिन, कुछ ही देर बाद जब सच्चाई सामने आई, तो डर की जगह ‘भारत माता की जय’ के नारों ने ले ली.
दरअसल, यह कोई वास्तविक आतंकी हमला नहीं था, बल्कि एटीएस ईआरटी (ATS ERT) द्वारा आयोजित एक ‘मॉकड्रिल’ थी. इसका उद्देश्य किसी भी संभावित आतंकी हमले या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को परखना था.
मॉकड्रिल की योजना के अनुसार, दो ‘आतंकवादी’ हथियारों के साथ मंदिर कमेटी कार्यालय के ग्राउंड फ्लोर पर स्थित अध्यक्ष के कमरे में दाखिल हुए. वहां तैनात एक सुरक्षा गार्ड को उन्होंने तुरंत बंधक बना लिया. जैसे ही इसकी भनक मंदिर प्रशासन को लगी, उन्होंने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया.
सूचना मिलते ही ATS ERT (Emergency Response Team) के जवान एक्शन मोड में आ गए. देखते ही देखते कमांडोज ने पूरे मंदिर परिसर को चारों ओर से घेर लिया और मोर्चा संभाल लिया.
ऑपरेशन की कमान एटीएस की 4th ERT टीम कमांडर दिनेश कुमार के हाथों में थी. टीम ने पूरी रणनीति के साथ मंदिर के भीतर प्रवेश किया. जैसे ही जवान आतंकियों के करीब पहुंचे, आतंकियों ने उन पर हमले की कोशिश की. लेकिन सुरक्षा बलों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जवाबी फायरिंग शुरू कर दी.
कुछ ही देर तक चली इस काल्पनिक मुठभेड़ के बाद, जांबाज जवानों ने दोनों ‘आतंकियों’ को ढेर कर दिया और बंधक बनाए गए सुरक्षा गार्ड को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. ऑपरेशन सफल होने के बाद आतंकियों के शवों को मंदिर कमेटी कंट्रोल रूम के बाहर लाया गया और उनकी तलाशी ली गई, जिसमें उनके पास से हथियार और कई संदिग्ध वस्तुएं बरामद की गईं.
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भले ही यह एक सुरक्षा अभ्यास था, लेकिन मंदिर परिसर में अचानक कमांडो, आधुनिक हथियार और भारी सुरक्षा बल देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु एक बार के लिए हैरान रह गए. कई लोग इसे सच मानकर चिंता में पड़ गए थे. हालांकि, जैसे ही आधिकारिक रूप से यह पता चला कि यह केवल एक मॉकड्रिल थी, भक्तों ने राहत की सांस ली. पूरा परिसर ‘जय श्री श्याम’ और ‘भारत माता की जय’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा.
श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि खाटूश्यामजी जैसे भीड़भाड़ वाले और विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा, “मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधों की निगरानी को लेकर यह मॉकड्रिल की गई थी. इससे सुरक्षा एजेंसियों के रिस्पॉन्स टाइम और दक्षता का आकलन करने में मदद मिलती है.”
आपको बता दें कि खाटूश्यामजी में पहले भी कई बार एटीएस इस तरह के अभ्यास कर चुकी है, ताकि लाखों की तादाद में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी न रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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