उत्तर प्रदेश

मुस्कान-साहिल को फांसी देने के लिए बेताब ये जल्लाद: बोला- अदालत ने सौरभ को दिया सच्चा न्याय

Meerut Blue Drum Murder Case: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में अदालत द्वारा दोषियों को सजा-ए-मौत सुनाए जाने के बाद निर्भया कांड के दोषियों को फंदे पर लटकाने वाले पवन जल्लाद का बड़ा बयान सामने आया है. पवन जल्लाद ने अदालत के फैसले का पुरजोर स्वागत करते हुए कहा कि दोनों दोषियों का अपराध अत्यंत जघन्य था और वे मृत्युदंड के ही पात्र थे. पवन ने कहा कि कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने और डेथ वारंट जारी होने के बाद जैसे ही जेल प्रशासन से निर्देश मिलेगा, वह दोनों को फंदे पर लटकाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

‘मुझे भरोसा था कि दोनों को मृत्युदंड ही मिलेगा’

14 अक्टूबर को मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ की हत्या और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई थी. फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में पवन जल्लाद ने कहा, “जिस बर्बरता से हत्या कर शव को ड्रम में छिपाया गया, उसे देखते हुए मुझे पूरा विश्वास था कि अदालत फांसी का ही फैसला सुनाएगी. पीड़ित परिवार को तभी मुकम्मल न्याय मिलेगा जब इन दोनों को फंदे पर लटका दिया जाएगा.”

महिला दोषी की फांसी को लेकर मथुरा जेल का उदाहरण

फांसी के स्थान और प्रक्रिया को लेकर पवन जल्लाद ने बताया कि मेरठ जेल का फांसीघर तैयार है, लेकिन चूंकि मुस्कान एक महिला दोषी है और साहिल पुरुष, इसलिए दोनों को एक साथ फांसी दी जाएगी या अलग-अलग जेलों में, यह डेथ वारंट के बाद ही तय होगा. उन्होंने शबनम मामले का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश में महिला कैदी को फांसी देने की ऐतिहासिक व्यवस्था मथुरा जेल में है, जहां वे पहले भी तैयारियों के लिए जा चुके हैं. ऐसे में यह जेल प्रशासन और न्यायिक आदेशों पर निर्भर करेगा कि मुस्कान को मथुरा ले जाया जाता है या दोनों के लिए मेरठ में ही व्यवस्था बनती है.

तीन पीढ़ियों से जल्लाद का काम

पवन जल्लाद का परिवार तीन पीढ़ियों से इस कार्य से जुड़ा हुआ है. उनके दादा कालू जल्लाद और पिता मम्मू जल्लाद भी अपने समय के प्रसिद्ध जल्लाद रहे हैं. पवन ने मार्च 2020 में दिल्ली की तिहाड़ जेल में निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड के चारों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाया था. पवन ने स्पष्ट किया कि जैसे ही उच्च अदालतों से सजा की पुष्टि होगी और संबंधित जेल प्रशासन का बुलावा आएगा, वह अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तत्पर हैं.

यह भी पढ़ें: उन्नाव में चलती AC बस में लगी भीषण आग, वाटर पार्क से लौट रहे थे बच्चे

-भारत एक्सप्रेस

हरीश शर्मा

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