दिल दहला देने वाली सनसनीखेज हत्या में 11वीं के एक छात्र की उसके दादा ने अंधविश्वास के चलते बेरहमी से हत्या कर दी और फिर हाथ-पैर काट दिए. प्रयागराज के ट्रांस यमुना क्षेत्र में मंगलवार को औद्योगिक क्षेत्र में स्थित शव को पॉलीथिन में लपेटकर नाले में फेंक दिया गया. बाद में मृतक की पहचान 11वीं कक्षा के छात्र पीयूष उर्फ यश (17) के रूप में हुई. वह करेली के सदियापुर का रहने वाला था.
पुलिस का दावा है कि इस जघन्य हत्या को एक ऐसे व्यक्ति ने अंजाम दिया जो उसका दादा लगता है. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है. इसके साथ ही उसके कहने पर मृतक छात्र के कटे हुए हाथ-पैर भी बरामद किए गए. घटना औद्योगिक क्षेत्र के लावायन कुरिया गांव में मंगलवार शाम करीब चार बजे की है जब स्कूटी सवार युवक ने पॉलीथिन में लिपटा क्षत-विक्षत शव फेंक दिया और फरार हो गया. जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल की ओर जाने वाली सड़कों पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए.
मिर्जापुर में लगे 50 से ज्यादा कैमरों की जांच से पता चला कि स्कूटर सवार शहर की ओर से आया था. इस घटना को चुनौती मानते हुए प्रयागराज पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया, जो मृतक का असली दादा, सरन सिंह (58) है, केरली पुलिस, एसओजी और निगरानी सेल की एक संयुक्त टीम द्वारा पुलिस ने इस मामले में 500 रुपये नकद, एक लोहे की आरी और अपराध में इस्तेमाल की गई पिस्टल भी बरामद की. पुलिस ने उसे जेल भेज दिया है.
प्रयागराज के डीसीपी (शहर) अभिषेक भारती के अनुसार, 26 अगस्त की सुबह, छात्र अपने घर से सरस्वती विद्या मंदिर, शाहगंज स्कूल जाने के लिए निकला, लेकिन वापस नहीं आया. जब वह शाम तक नहीं आया, तो परिवार ने पुलिस को सूचित किया. मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एक विशेष टीम गठित की और जांच शुरू की. पूछताछ के दौरान, यह पता चला कि आरोपी दादा का अपने बेटे और बहू के साथ घरेलू विवाद था. उसे संदेह था कि बहू (शिकार की मां) परिवार पर जादू-टोना कर रही थी. इस अंधविश्वास और उसके चलते ही यह घटना घटी.
पारिवारिक रंजिश के चलते आरोपी ने अपने ही पोते की हत्या की साजिश रची. आरोपी ने बहाने से छात्र को अपने पास बुलाया और पहले उसे बंधक बना लिया. इसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग जगहों पर छिपा दिया गया था. पुलिस ने शव के अवशेषों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना अंधविश्वास और पारिवारिक कलह का नतीजा है.
आरोपी को जेल भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
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