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NHRC ने गाजियाबाद में एक मूक बधिर सामूहिक दुष्कर्म मामले में लिया स्वतः संज्ञान, आयोग ने जिला अधिकारी से मांगा जवाब

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मूक बधिर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.

Ghaziabad gangrape case 2025: दो हफ्ते में मांगी विस्तृत रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक मूक बधिर सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. एनएचआरसी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि 21 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मूक बधिर सामूहिक बलात्कार पीड़िता अपने घर में मृत पाई गई थी. पीड़िता को 18 अगस्त 2025 को लोनी क्षेत्र में दो व्यक्तियों द्वारा गैंगरेप का शिकार बनाया गया था. आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और गाजियाबाद के जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है.

पुलिस की लापरवाही और देरी पर गंभीर आरोप

रिपोर्ट की जांच स्थिति और पीड़िता के परिवार को मुआवजा दिया गया या नहीं इसकी जानकारी मांगी है. पीड़िता का दिल्ली के इंस्टिट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड अलाइड साइंसेज में इलाज करवा रही थी. परिजनों के मुताबिक युवती मूक बधिर और मानसिक रोगी थी, तो वो अक्सर बिना बताए घर से निकल जाती थी. ऐसे ही वो 18 अगस्त को निकल गई थी और घूमते हुए पास के एक गांव पहुच गई थी. परिजनों का आरोप है कि वहां उसके साथ गैंगरेप किया गया. इतना ही नही परिजनों के मुताबिक पुलिस पर संगीन आरोप लगाए है.

परिजनों के मुताबिक न तो समय से उनकी एफआईआर लिखी गई ना ही मेडिकल हुआ. मौत के बाद एक टेम्पों में उसके शव को ले जाया गया. इस मामले में शामिल दो लोगो को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. रोहित पुत्र धर्मवीर और वीर सिंह उर्फ भोला पुत्र ज्ञान चंद्र, निवासी ग्राम निठौरा, लोनी के रूप में दोनों की पहचान हुई है.

दोनों के पास से पुलिस ने 2 अवैध तमंचे, 2 खोखा कारतूस, 2 जिंदा कारतूस और चोरी की एक मोटरसाइकिल बरामद की है.

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