रामपुर में अवैध मिट्टी खनन पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए गाबर कंपनी पर लगाया 3.63 करोड़ का जुर्माना, वाहन किए जब्त।
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में अवैध खनन (Rampur Illegal Mining) के खिलाफ प्रशासन ने निर्णायक कदम उठाया है। जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में तहसील स्वार के ग्राम भगवंत नगर में मैसर्स गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड द्वारा साधारण मिट्टी के बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन का मामला पकड़ा गया। जांच पूरी होने के बाद कंपनी पर 3 करोड़ 63 लाख 63 हजार 200 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई न केवल राजस्व की रक्षा कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और भूमि माफिया पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
कैसे हुआ अवैध खनन का खुलासा?
स्थानीय लोगों की शिकायत पर प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया और तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की। समिति ने मौके पर जाकर विस्तृत निरीक्षण किया और दस्तावेजों का गहन अध्ययन किया। जांच में सामने आया कि कंपनी ने बिना किसी वैध अनुमति के 3 लाख 32 हजार 640 वर्ग मीटर(करीब 33.26 हेक्टेयर) क्षेत्र में मिट्टी का अवैध उत्खनन किया। खनन की औसत गहराई 2.5 मीटरतक पहुंच गई थी। इतने बड़े स्तर पर उत्खनन से भूमि की उर्वरता नष्ट हो रही है. वहीं जमीन का भूजल स्तर गिर रहा है और आसपास के इलाकों में पर्यावरणीय असंतुलन पैदा हो सकता है। उत्तर प्रदेश उप-खनिज (परिहार) नियमावली-2021 के नियम 58 के तहत यह राशि निर्धारित की गई और कंपनी को नोटिस जारी कर दिया गया।
प्रशासन ने मौके से जब्त किए वाहन
प्रशासन ने मौके पर मौजूद अवैध गतिविधियों से जुड़े साधनों पर भी कड़ी कार्रवाई की। कुल दो ओवरलोडेड वाहन और छह डंपर जब्त कर लिए गए। परिवहन विभाग ने इन वाहनों पर 2 लाख 55 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया। इसके अलावा दो पोकलेन मशीनों पर अलग से 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। ये जब्तियां अवैध खनन (Rampur Illegal Mining) को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि बिना इन मशीनों और वाहनों के आगे की गतिविधियां मुश्किल हो जाती हैं।
सरकारी तंत्र की भारी लापरवाही
अवैध खनन में सरकारी तंत्र की लापरवाही भी उजागर हुई। जांच में पाया गया कि क्षेत्रीय लेखपाल सचिन सक्सेना और कानूनगो अजय सागर ने अपनी जिम्मेदारियों में चूक की। दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट किया कि सरकारी पदों पर बैठे लोग यदि लापरवाही बरतेंगे तो उनके खिलाफ भी कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
मामले पर डीएम ने अपनाए कड़े रुख
खान निरीक्षक रामपुर की शिकायत पर स्वार कोतवाली में मैसर्स गाबर कंपनी एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (IPC) की धारा 173 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि मामला अदालत तक पहुंचे और दोषियों को सजा मिले। वहीं जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार द्विवेदी ने कहा कि अवैध खनन पर्यावरण के लिए अभिशाप है। हम जिले में ऐसी किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेंगे। चाहे कंपनी कितनी बड़ी हो या पदाधिकारी कितने प्रभावशाली, कानून सबके सामने समान है। ऐसी कार्रवाइयां निरंतर जारी रहेंगी।”
-भारत एक्सप्रेस
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