Samvidhan Hatya Diwas: देश में 25 जून को आपातकाल की 51वीं बरसी मनाई जा रही है. भारतीय राजनीति और लोकतंत्र के इतिहास में इस दिन को एक अहम और विवादास्पद मोड़ के रूप में देखा जाता है. केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद इस तारीख को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में भी याद किया जाने लगा है. इस अवसर पर कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी और आपातकाल के दौर को लोकतंत्र के लिए कठिन समय बताया.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक काला अध्याय था. उनके अनुसार, उस समय लगाए गए आपातकाल ने संविधान की मूल भावना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों को गहरी चोट पहुंचाई. योगी ने उन लोगों को भी नमन किया, जिन्होंने उस दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया.
25 जून, 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह काला अध्याय है, जब ‘आपातकाल’ थोप कर देश की संवैधानिक आत्मा को कुचलने का प्रयास किया गया।
सत्ता के अहंकार में कांग्रेस द्वारा थोपे गए ‘आपातकाल’ के अंधकार ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता व नागरिक अधिकारों को गहरी चोट पहुंचाई।
उस… pic.twitter.com/QJ4w9KHUuL
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 25, 2026
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक इतिहास की सबसे काली घटनाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि उस समय प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, नागरिक अधिकार प्रभावित हुए और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया. उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों को याद करते हुए कहा कि यह दिन संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है.
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों और राष्ट्रभक्तों को श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि वह दौर ऐसा था जब अभिव्यक्ति की आजादी, नागरिक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों को चुनौती मिली थी.
वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक ऐसा दिन है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद किया और उन्हें सम्मानपूर्वक नमन किया.
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस अवसर पर अपना संदेश साझा किया. उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा. फडणवीस ने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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-भारत एक्सप्रेस
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