उत्तर प्रदेश

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद! संत या बीजेपी के सबसे बड़े सियासी विरोधी? पीएम मोदी को भी कह दिया था- हिंदू नहीं हैं

Avimukteshwaranand News: बीते दिनों प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच जमकर नोकझोंक हुई. अविमुक्तेश्वरानंद को उनके शिष्य पालकी पर बैठाकर स्नान कराने ले जा रहे थे, जिन्हें पुलिस ने रोक दिया. पुलिस ने भगदड़ मचने का हवाला देते हुए उन्हें पैदल ही गंगा तट तक जाने के लिए कहा. बात बढ़ते-बढ़ते धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. जिसपर पुलिस ने उनके शिष्यों को हिरासत में ले लिया.

इस मामले पर अब उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्म है. विपक्ष जहां बीजेपी पर सनातन विरोधी होने का आरोप लगाया है. तो वहीं योगी आदित्यनाथ ने अप्रत्यक्ष रूप से अविमुक्तेश्वरानंद को कालनेमी तक कह दिया. बता दें कि कालनेमी एक राक्षस था जो साधु-संतों को यज्ञ करते समय परेशान किया करता था.

माघ मेले की घटना को लेकर शंकराचार्य काफी नाराज हैं. उन्हेंने अपने शिष्यों को छोड़ने के लिए धरने पर भी बैठ गए. शंकराचार्य ने योगी पर सीधा अटैक करते हुए उन्हें अयोग्य सीएम तक कह दिया.

विवादित बयानों से सुर्खियों में शंकराचार्य

यह पहली बार नहीं है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुर्खियों में हैं. वे पहले भी बीजेपी और पीएम मोदी पर दिए गए विवादित बयानों के लिए चर्चा में रह चुके हैं. लोग उन्हें भाजपा विरोधी तक करार दिया. आइये जानते हैं कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कब-कब विवादित बयान दिया?

प्रधानमंत्री मोदी को बताया नाटकबाज

गौ हत्या को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम मोदी को नाटक करने वाला तक बताया था. उन्होंने कहा था कि तुम हिंदू हो. तुम्हारे पास ताकत है और तुम गद्दी पर भी बैठे हो. तुमको हिंदुओं ने वोट दिया है. गाय के बछड़े को भी तुम दुलारते दिखते हो. इसके बावजूद क्या कारण है कि पीएम होकर भी तुम गौ हत्या बंद नहीं करा रहे हैं. तुमपर क्या दबाव है इसको सार्वजनिक करो या फिर हिंदू-हिंदू वाला नाटक छोड़ो.

PM Modi के जन्मदिन पर दिया बयान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 19 सितंबर 2024 को जन्मदिन आता है. जिसको लेकर शंकराचार्य ने एक विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि जो लोग अंग्रेजी तारीखों पर जन्मदिन मनाते हैं. वे हिंदू नहीं हैं. हिंदू धर्म के देवी-देवताओं की जन्मतिथि अंग्रेजी कैलेंडर के हिसाब से नहीं होती. ऐसे लोग भारतीय संस्कृति से विमुख होते हैं.

काशी कॉरिडोर को लेकर सवाल

काशी में कॉरिडोर निर्माण को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पीएम मोदी पर जबरदस्त निशाना साधा. उन्होंने कहा कि उन्होंने काशी में मंदिर तोड़े और सिर्फ मंदिर ही नहीं बल्कि, 2-2 हजार साल, 1500 साल पुराने मंदिरों की मूर्तियों को तोड़कर मलबे में फेंक दिया. यह हमसे नहीं देखा गया. हम इसका विरोध करते हैं और जबतक जीवित रहेंगे विरोध करते रहेंगे.

सिंधु जल समझौते पर सवाल

पहलगाम हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने सिंधु जल समझौते को रोकने की बात की थी. जिसपर शंकराचार्य ने कहा कि वो बोलते हैं कि सिंधु जल रोक दिया जाएगा, लेकिन जब मैंने पता किया तो पता चला कि सरकार के पास ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. अगर सरकार इसे रोकने की तैयारी करेगी तो 20 साल लगेंगे. संधि को खत्म करने को लेकर जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है. जो बंद होना चाहिये.

वक्फ बिल को सौगात-ए-मोदी बताया

केंद्र सरकार के वक्फ बिल को लेकर भी अविमुक्तेश्वरानंद ने जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह बिल मुस्लिमों के लिए सौगात-ए-मोदी है. यह सिर्फ एक जुमला है, क्योंकि न तो आजतक कोई वक्फ संपत्ति सरकारी हुई और ना ही इसका कोई लाभ हिंदू समाज को हुआ है. यह मात्र राजनीतिक शिगूफा है.

केदारनाथ मंदिर से सोना गायब का आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 15 जुलाई 2024 को आरोप लगाते हुए बताया कि केदारनाथ मंदिर से 228 किलो सोना गायब हुआ है. जिसका अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और निरंजनी अखाड़ा ने पलटवार किया था. निरंजनी अखाड़ा के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के पास सोना चोरी के सबूत हैं तो कोर्ट या पुलिस को सौंप दें. अगर प्रमाण नहीं है तो अनर्गल बयानबाजी कर सुर्खियों में रहने की कोशिश ना करें.

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महाकुंभ भगदड़ पर योगी को कहा झूठा

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज महाकुंभ भगदड़ को लेकर सीएम योगी को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बयान दिया कि भगदड़ में कई लोग घायल हुए हैं. उन्होंने मौतों की जानकारी किसी को नहीं दी. उन्होंने संतों को ये आभा, करा दिया कि भगदड़ नहीं सिर्फ अफवाह है. यह बहुत बड़ा धोखा है. यह संतों, सनातनियों और हमलोगों के साथ धोखा है. यूपी का मुख्यमंत्री देश के सामने इतना बड़ा झूठ क्यों बोला. यह मुख्यमंत्री झूठा है.

जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर राजनीति का आरोप

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह व्यक्ति केवल राजनीतिक सांठगांठ से बड़े-बड़े पुरस्कार लेकर प्रशंसा करता है. तुलसीदास जी महाराज इतने बड़े ज्ञानी थे, लेकिन उन्होंने कभी खुद की तारीफ नहीं की. जो कायर होता है, वहीं अपनी प्रशंसा करता है.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

गोविंद सिंह बिहार के कैमूर जिले से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हासिल की और पटना कॉलेज, पटना से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों में काम करते हुए समाचार लेखन, कंटेंट एडिटिंग, रिसर्च और न्यूज प्रोडक्शन का अनुभव हासिल किया। फिलहाल वह भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी पत्रकारिता का प्रमुख फोकस विदेश नीति, राष्ट्रीय राजनीति और बिहार से जुड़े मुद्दों पर है।

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